बस्ती लोकसभा के दो बार से रहे सांसद हरीश द्विवेदी की नजर हैट्रिक पर है। इस बार उनके टिकट काटे जाने का कयास लग रहा था। लेकिन, केंद्रीय नेतृत्व ने एक बार फिर से हरीश द्विवेदी पर विश्वास जताया है। हरीश द्विवेदी ने अपना राजनैतिक सफर एक कार्यकर्ता के साथ शुरू कर सांसद और फिर भाजपा राष्ट्रीय टीम में जगह बनाकर खुद को वर्तमान राजनीति में स्थापित किया है।
हरीश द्विेदी को करीब से जानने वाले पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि हरीश द्विवेदी बेहद सरल और सुलझे व्यक्तित्व के धनी हैं। बताया, उन्होंने भी भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू की है।
1991 में बस्ती में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आए। दो वर्ष बाद वो दो साल के लिए (1993 से 95) तक विद्यार्थी परिषद, बस्ती के जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। 1995 से 98 तक एबीवीपी गोरखपुर के विभाग संगठन मंत्री भी रहे। इसी दौरान गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलावा डिग्री कॉलेजों में एबीवीपी संगठन से छात्रों का जुड़ाव करवाया या यूं कहें कि गोरखपुर से ही हरीश द्विवेदी ने अपने प्रदेश का राजनीतिक सफर की शुरूआत की।
1998 से 2000 तक प्रयागराज में विभाग संगठन मंत्री, 2000 से 2003 तक प्रयागराज के साथ ही सुल्तानपुर विभाग के संगठन मंत्री भी रहे। 2004 में भाजपा की प्रदेश टीम के संपर्क में आए। 2005 से 2007 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी के राजनीतिक सलाहकार बनकर जिम्मेदारी निभाई। ये वही समय था जब उन्हें भाजयुमों के प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी के बाद 2007 से लेकर 2010 तक प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर रहे। 2012 में विधानसभा का टिकट पहली बार मिला।
समाजवादी पार्टी ने भी लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल फूंक दिया है। 'इंडिया गठबंधन में शामिल सपा ने बस्ती लोकसभा से सपा ने कद्दावर नेता व प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री रामप्रसाद चौधरी पर दांव लगाया है। पिछड़ा, दलित व अल्पसंख्यक (पीडीए) के सहारे सपा चुनाव की नैया पार लगने की उम्मीद लगाए बैठी है।
विधानसभा का चुनाव हारे और लोकसभा जीतते गए
हरीश द्विवेदी भाजपा से ही 2012 का विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। बस्ती सदर से वो प्रत्याशी थे, लेकिन ये चुनाव हार गए थे। 2014 के आम लोकसभा चुनाव में भाजपा ने फिर हरीश द्विवेदी पर भरोसा जताया। टिकट दिया और वो विजेता बनें। 2019 में फिर से उन्होंने बस्ती की सीट पर भाजपा की जीत दोहराई। भाजपा ने तीसरी बार भी हरीश द्विवेदी पर भरोसा आजमाया है।