बस्ती के गौर ब्लॉक के ऐनपुर, डेंगरहा व रानीपुर बाबू में तैनात रहे सचिव कौशल किशोर पांडेय द्वारा भतीजे की फर्म के नाम 16 लाख 36 हजार 513 रुपये से अधिक धनराशि का भुगतान लेने का मामला सामने आया है। जांच में आरोपों की पुष्टि एडीपीआरओ अरुण कुमार ने की है।
एडीपीआरओ ने बताया कि मामले की प्रथम जांच डीपीसी राजा शेर सिंह ने की थी। उन्होंने तीनों पंचायतों में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए सचिव की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किए थे। आरोपों की पुष्टि के लिए दोबारा जांच की गई। उसमें भी सचिव दोषी मिले हैं।
जांच आख्या के अनुसार, ग्राम पंचायत ऐनपुर के पंचायत भवन का प्रस्ताव 15.27 लाख रुपये का है। पंचायत भवन का छत लगा है, खिड़कियों में पल्ले नहीं लगे हैं, दरवाजे के सामने रैंप का निर्माण नहीं कराया गया है। उत्तर दिशा की दीवार पर प्लास्टर नहीं कराया गया है।
वर्तमान ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान ने बताया गया कि पूर्व सचिव कौशल किशोर पांडेय व पूर्व प्रधान के कार्यकाल में केवल प्लिंथ तक का काम कराया गया था। ग्राम निधि से तीन दिसंबर 2020 को 78400 रुपये और फरवरी 2021 में 1.56 लाख रुपये बिना कोटेशन व टेंडर निकाले ही सचिव के भतीजे की फर्म पांडेय ट्रेडर्स गौर के खाते में भेजी गई।
रानीपुर बाबू पंचायत का चार्ज पूर्व सचिव कौशल ने अब तक नहीं दिया है। जांच आख्या के अनुसार, यहां पंचायत भवन बनाने के लिए प्रधान के सहयोग से 15.27 लाख रुपये मनमाने ढंग से आहरित किया गया है। वित्त आयोग से आहरित धनराशि 2.11 लाख रुपये पांडेय ट्रेडर्स को भुगतान किया गया है। यह फर्म ग्राम सचिव कौशल किशोर पांडेय के भतीजे अमित पांडेय की है। मार्च 2021 के दौरान प्रशासक कार्यकाल में 1.63 लाख रुपये का अनियमित भुगतान पांडेय ट्रेडर्स को किया गया है।
मनरेगा का 86430 रुपये भी प्रधान व रोजगार सेवक के सहयोग से निकाले गए हैं। सामुदायिक शौचालय के निर्माण में प्रस्ताव से अधिक करीब 97 हजार रुपये की धनराशि आहरित की गई है। मनरेगा मजदूरी के नाम पर 40 हजार रुपये का भुगतान तत्कालीन प्रधान रामतौल के खाते में लिया गया है।
तकनीकी सहायक व अवर अभियंता ने बिना कार्य के ही फर्जी एमबी भी कर दिया है। मौके पर साइन बोर्ड नहीं लगा मिला और इसका भुगतान सचिव ने भतीजे के खाते में किया गया है। एडीपीआरओ ने आख्या में लिखा है कि वित्तीय नियमों के विपरीत धनराशि आहरित कर इसका दुरुपयोग किया गया है। इसके लिए ग्राम प्रधान रामतौल व सचिव कौशल किशोर पांडेय को सीधे दोषी बताया गया है।