बस्ती। टिकट वितरण को लेकर जिले में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और कद्दावर नेताओं में गुस्सा है। भाजपा में निष्ठावान की जगह दूसरे दलों से आए लोगों को टिकट में तरजीह देने से विरोध चल रहा है। वहीं कांग्रेस नेता समझौते की बलि मान रहे हैं। जिले के बड़े पदाधिकारी का कहना था कि रुधौली सिटिंग सीट भी कांग्रेस नहीं बचा सकी जबकि पांच में सपा ने चार प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है।
समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी में तो सब कुछ सामान्य है, मगर राष्ट्रीय दल कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी को कार्यकर्ताओं के विरोध व गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा में विरोध का स्वर इतना तेज हो गया है कि शनिवार को जिले के कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच गए और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक का घेराव किया। इससे पहले सांसद हरीश द्विवेदी का शहर में पुतला जलाने का प्रयास किया गया। वहीं तीन पूर्व जिला अध्यक्षों की बैठक में प्रत्याशी बदलने के लिए अल्टीमेटम, हर्रैया क्षेत्र में पीएम और राष्ट्रीय अध्यक्ष को खून से पत्र और अब सामूहिक मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराया है। भाजपा में विरोध की नींव प्रत्याशियों की दूसरी सूची घोषित होते ही पड़ी। दावेदारों ने पार्टी के सांसद हरीश द्विवेदी पर तमाम गंभीर आरोप मढ़े। विरोध का यह स्वर समय के साथ तेज हो गया है। दो हजार की नोट पर सांसद बेवफा की क्लिप वायरल हुई है। इतना ही नहीं पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक को इसमें घसीटा जा रहा है। सोशल मीडिया पर तरह तरह के व्यंग्य और कमेंट है। 2000 की नोट पर सांसद बेवफा तक लिखा गया है। फिलहाल पार्टी के कद्दावरों के विरोध के स्वर क्या परिणाम लाएंगे? यह तो समय बताएगा।
दूसरी ओर जिले में अपना अस्तित्व तलाश रही कांग्रेस का भी टिकट अब तक घोषित नहीं हो सका है। सपा से समझौता के बाद सदर व कप्तानगंज सीट कांग्रेस के खाते में जाने की चर्चा है, लेकिन दो दिन पहले ही सदर से सपा ने महेंद्र नाथ यादव को प्रत्याशी बना दिया। इसकी भनक लगते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गुस्सा बढ़ गया है। जो कांग्रेसी कद्दावर यहां से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे उनको करारा झटका लगा। हालांकि कांग्रेस पिछले चुनाव में रूधौली से जीत दर्ज की थी मगर इस बार पार्टी का वही प्रत्याशी भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरा है। सपा ने यहां भी अपना प्रत्याशी राम ललित चौधरी को मैदान में उतार दिया है।
-------------------------------------
उच्च नेतृत्व से की है बात: वीरेंद्र
जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप पांडेय का कहना है कि सदर व रूधौली विधान सभा की सीट कांग्रेस की रही है। इसको लेकर पार्टी के राष्ट्रीय व प्रदेश नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है। अब वहां से तय किया जाना है कि इन दोनों सीटों पर प्रत्याशी तय करें। इन स्थितियों के चलते राहुल गांधी के आने से कार्यकर्ताओं में जो उत्साह था वह धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। जिले के दूसरे पदाधिकारी ने प्रदेश नेतृत्व पर राष्ट्रीय नेतृत्व को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि ऐसे रहा तो प्रदेश में कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी का वजूद ही खत्म हो जाएगा।
------------------------------------------
बैठक कर मना लेंगे: पवन
भाजपा जिला अध्यक्ष पवन कसौधन का कहना है कि जो विरोध कर रहे हैं वह निश्चित ही हमारे निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। प्रत्याशिता की दावेदारी की थी। स्वाभाविक तौर पर इनकी नाराजगी है। परिवार में जो कोई आता है उसका समायोजन हो जाता है। जिन्हें भी टिकट मिला वे परिवार के अंग बन चुके हैं। ऐसे में दो दिन बाद बैठक कर सभी को मना लेंगे। लोकतांत्रिक परिवार है अपनी बात रखने का सबको अधिकार है। पूरा विश्वास है कि दो दिनबाद सभी लोग एक जुट होकर प्रत्याशियों की जीत सुिनिश्चित करने में लग जाएंगे।
-----------------------------
भाजपाइयों ने सिर मुंडाया
हर्रैया में रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण का विरोध सिर मुंडा कर किया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया गया। मंडल सदस्यता प्रभारी चंद्र मणि पांडेय के साथ सहराए चौराहे पर कई कार्यकर्ताओं ने सिर मुुुड़ाकर विरोध जताया। कहा कि दो दिन में पार्टी ने निर्णय नहीं बदला तो अगला निर्णय लिया जाएगा।
-----------------------------------------
विरोध में उतरे भाजपा नेता
24 जनवरी को दी सीएमएस स्कूल में हुई बैठक में पूर्व जिला अध्यक्ष दयाशंकर मिश्रा, पूर्व जिला अध्यक्ष यशकांत सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील सिंह, सदर सीट से प्रबल दावेदार अनूप खरे, प्रमोद उर्फ गिल्लम चौधरी, कप्तानगंज सीट के दावेदार गीता शुक्ला, रुधौली से पूर्व में प्रत्याशी रहे व टिकट के दावेदार संजय चौधरी के अलावा नरेंद्र त्रिपाठी चंचल, चंद्रमणि पांडेय, देवेंद्र सिंह, विनोद शुक्ला आदि ने टिकट वितरण में सांसद के प्रति गुस्सा जताया। चंद्रशेखर मुन्ना, ममता पांडेय, सत्येंद्र शुक्ला जिप्पी, फणींद्र भूषण पाल, बलराम सिंह, अनिल पांडेय समेत कई लोग रहे।