हर्रैया। भकरही ग्राम पंचायत के सरकारी गल्ले की दुकान के चयन में पक्षपात का आरोप लगाकर गांव वालों ने खुली बैठक का बहिष्कार कर दिया। रविवार को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में कोटा चयन प्रक्रिया में शामिल हुए। चयन प्रक्रिया में ग्राम पंचायत अधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए भड़क गए।
भकरही ग्राम पंचायत में सरकारी राशन की दुुकान काफी समय से रिक्त है। कोटा प्राप्त करने के लिए दो महीने से रस्साकसी का दौर चल रहा है। एसडीएम दिनेश कुमार के निर्देश पर कई बार ग्राम पंचायत की खुली बैठक का प्रयास हुआ मगर किसी न किसी कारण से टलता रहा। तीसरी बार रविवार को चयन के लिए खुली बैठक बुलाई गई थी।
गांव के कई लोगों का आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने राजनीतिक दबाव में व्यक्ति विशेष के पक्ष में चयन करने के लिए नियमों को दरकिनार कर मनमाना तरीका अपनाया। आरोप है कि लोगों ने विरोध शुरू कर दिया तो पुलिस वालों ने भगाना शुरू कर दिया। कोटा के लिए प्रयासरत तुलसी देवी, राम सजीवन ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी को जब नियमों का हवाला देकर बात करने का प्रयास किया तो आनाकानी करने लगे। कहा कि एसडीएम ने बैलेट से चुनाव करवाने की बात कही थी मगर दबाव में हाथ उठवाकर वोटिंग करा दी। रालोद नेता चंद्र मणि पांडेय सहित गांव के राम दयाल, देवी प्रसाद, अनामिका, छिनका, राम पियारे, जगदीश, सुरेंद्र सिंह, लाल यादव सहित सैकड़ों लोगो ने बैलेट से राशन की दुकान का चयन करने की मांग की है।