दुबौलिया। परिषदीय स्कूलों की व्यवस्थाओं और सुविधाओं की जानकारी लेने निकले खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को कई खामियां मिलीं। यहां तक कि अधिक छात्र संख्या दिखाकर मध्याह्न भोजन भी खेल मिला है। एक स्कूल में तो खुद प्रार्थना कराई।
बृहस्पतिवार को बीईओ ध्रुव प्रसाद जायसवाल ने क्षेत्र के आधा दर्जन परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इसमें छह अध्यापक नदारद रहे। वहीं, उपस्थित छात्र-छात्राओं के सापेक्ष एमडीएम में अधिक संख्या दिखाकर प्रधानाध्यापकों की ओर से राशन में गोलमाल भी मिला है। बीईओ जायसवाल ने बताया कि अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह हाल तब है जब प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए रोज नए प्रयास कर रही है। लेकिन जिम्मेदार ही पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। बृहस्पतिवार को बीईओ ध्रुव प्रसाद जायसवाल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सांड़पुर में सुबह 8:10 बजे ही पहुंच गए। विद्यालय परिसर में कई बच्चे खेलते मिले तो प्रधानाध्यापक अखंड प्रताप सिंह, सहायक अध्यापक महेन्द्र कुमार व संतोष कुमार वरुण विद्यालय से गायब रहे। इन लोगों का इंतजार कर रहे बीईओ ने दस मिनट के बाद बच्चों को एक स्थान पर करा कर प्रार्थना कराई। इसके बाद 8:25 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय हेंगापुर पर पहुंचे तो शिक्षामित्र रेना गौतम, शिवकुमार, सरिता शर्मा, सहायक अध्यापक बृजेश कुमार सहित सभी लोग गायब मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मणपुर में तैनात अनुदेशक सुरेंद्र प्रताप चौधरी व वसीम बिना सूचना के पिछले तीन दिनों से गायब मिले। विद्यालय के छात्र पंजिका में 105 बच्चों का नामांकन हुआ है मौके पर 51 छात्र उपस्थित मिले। बीईओ ने बताया कि बिना किसी सूचना के गायब अनुदेशकों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणपुर में शिक्षामित्र सीमा सिंह व राजेश कुमार बुधवार से ही गायब मिले। आरबीएस पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मणपुर में निरीक्षण के समय सभी कर्मचारी उपस्थित मिले तो नामांकित छात्र संख्या 202 में मात्र 54 बच्चे उपस्थित मिले। वहीं, एमडीएम में भारी गोलमाल पाया गया। इसमें 130 बच्चों को दर्शाया गया था, जिस पर बीईओ भड़क गए। वहीं, प्राथमिक विद्यालय चकोही में शिक्षामित्र ममता जायसवाल व मिथिलेश कुमारी मौके पर अनुपस्थित मिलीं। प्राथमिक विद्यालय पूरे ओरि राय में नामांकित छात्र संख्या 102 में केवल 21 छात्र उपस्थित पाए गए। वहीं, प्रधानाध्यापक द्वारा एमडीएम पंजिका में तीन गुना से अधिक छात्रों को उपस्थित किया गया था, जिस पर बीईओ ने प्रधानाध्यापक को कड़ी हिदायत लगाते हुए विभागीय कार्रवाई के लिए कहा।