पात्रों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें: प्रमुख सचिव
बस्ती। व्यक्तिगत रुचि लेकर योजनाओं का लाभ वंचित एवं पात्र व्यक्तियों को दिलाना सुनिश्चित करें। यह निर्देश प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने शनिवार शाम अधिकारियों के संग बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि विकास भवन सभागार में कहा कि पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की है। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहंी की जाएगी। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में पाया कि एक लाख लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना शेष है। सीएचसी/पीएचसी पर लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराने में सीएससी के सहयोग लेने को कहा। गो आश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि इसमें रखे जाने वाले सभी पशुओं को हरा चारा तथा पैष्टिक आहार अवश्य दिए जांच और नियमित इनकी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। डॉ अश्वनी तिवारी ने बताया कि 109 गोआश्रय स्थलों में 2733 पशु रखे गए हैं।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा, धान खरीद, गन्ना मूल्य भुगतान की भी समीक्षा की। डीएम आशुतोष निरंजन ने आश्वस्त किया कि अगले निरीक्षण के दौरान परिवर्तन दिखाई देगा। बैठक में सीडीओ अरविंद पाण्डेय, एडीएम रमेश चन्द्र, सीएमओं डॉ. एके गुप्ता, परियोजना निदेशक आरपी सिंह, जिला विकास अधिकारी अजीत श्रीवास्तव तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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हर्रैया सीएचसी के टूट-फूट में सुधार
प्रमुख सचिव व जिले के नोडल अधिकारी ने शुक्रवार रात हर्रैया सीएचसी का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें दिमागी बुखार कक्ष, जननी सुरक्षा योजना वार्ड, पुरूष वार्ड तथा पीआईसीयू वार्ड में डोर क्लोजर टूटा हुआ मिला था। हर्रैया के जेई आरईएस को इसका निरीक्षण कर ठीक कराने का निर्देश दिया था। विकास भवन में बैठक में आकर प्रगति से अवगत कराने को भी कहा था। बैठक शुरू होने पर जेई आरईएस ने यह बताया कि चारो डोरक्लोजर को ठीक करा दिया गया है।
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कानून व्यवस्था पर कड़ी निगरानी
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया है कि जिले की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त इंटेलीजेंस को सक्रिय करें। आम आदमी से अधिकाधिक संवाद बनाये रखें। कोई भी एफआईआर दर्ज कराना चाहता है तो उसकी एफआईआर दर्ज हो और समय पर विवेचना पूरी की जाए। पारिवारिक विवाद के मामलों में पुलिस एव प्रोबेशन विभाग के कांउसलर संयुक्त रूप से वादों को निपटाने का कार्य करें। दहेज हत्या के मामलों में केवल पीड़ित करने वाले परिवारिजन पर ही कार्रवाई हो। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष हत्या, महिला उत्पीड़न, दहेज हत्या, पास्को, रेप, एसिड ऐटैक आदि मामलों की समीक्षा की। इस दौरान डीएम के साथ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा,डीजीसी क्रिमनल पीएन पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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