बस्ती। विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा में कौशल विकास योजना की हकीकत
काफी चिंताजनक मिली। मंडल में 444 प्रशिक्षित लाभार्थियों में से मात्र 19
को रोजगार उपलब्ध कराया जा सका है।
यही हाल कौशल विकास प्रशिक्षण
का भी है। सिद्धार्थनगर में लक्ष्य का 89.6 प्रतिशत तथा संतकबीरनगर में
लक्ष्य के सापेक्ष 29.23 प्रतिशत लोगों को ही प्रशिक्षित किया जा सका है।
कमिश्नर ने नाराजगी जताई और इस प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया।
पाइप
पेयजल योजना का तो और बुरा हाल है। मंडल में 18 परियोजनाओं का कार्य शुरू
ही नहीं हुआ है। केवल सिद्धार्थनगर में एक पाइप पेयजल योजना पूरी हो सकी
है, परंतु इसका भी लोगों अभी लाभ नहीं मिल रहा है।
आयुक्त सभागार में
मंगलवार को मंडलीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर पीके सिंह ने मंडलीय
अधिकारियों को पूरी क्षमता के साथ कार्य कराने की नसीहत दी।
डीएम
एके दमेले ने स्वास्थ्य विभाग की प्रगति को अपेक्षा के अनुकूल बताया और कहा
कि जिले को विभिन्न कार्यक्रमों के 55 मदों में ए श्रेणी मिली है।
उन्होंने विकास कार्यों की गति बनाए रखने पर जोर दिया।
समाजवादी
पेंशन की समीक्षा में बताया गया कि मंडल में 1,67,954 लाभार्थियों में से
1,51,530 के खाते में पेंशन की धनराशि भेजी जा चुकी है। कमिश्नर ने
अधिकारियों के शिथिल रवैए की आलोचना की और इसमें सुधार करने की हिदायत दी।
बैठक
में जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर डॉ सुरेंद्र कुमार, जेडीसी वीपी पांडेय, उप
निदेशक अर्थ एवं संख्या एनएन राय सहित सभी विभाग के मंडलीय अधिकारी उपस्थित
रहे।