बस्ती। इस मौसम में जल जनित बीमारी तेजी से पांव पसार रही है। वायरल बुखार, खांसी, पेट दर्द, बदन दर्द की समस्या बच्चों से लेकर व्यस्क में भी आम हो गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि वायरल बुखार में लापरवाही भारी पड़ सकती है। यदि तत्काल अलर्ट नहीं हुए तो आगे चलकर यह टायफाइड का रूप ले रहा है। इससे मरीज गंभीर हो रहे हैं। उन्हें इलाज के लिए भर्ती तक करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में सप्ताह भर में 30 से अधिक व्यस्क मरीज टायफाइड के आ चुके हैं। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। कुछ लोग घरेलू नुस्खा अपनाकर इसे ठीक करने के चक्कर में लोग बीमारी बढ़ा ले रहे हैं।
वहीं शारीरिक रूप से मजबूत लोग चार से पांच दिन तक दवा ही नहीं ले रहे हैं। इससे वायरल बुखार बढ़कर टायफाइड का रूप ले रहा है। इससे शरीर काफी हद कमजोर हो जा रहा है। गंभीर स्थिति में होने पर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी कहते हैं कि वायरल बुखार, खांसी होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क कर दवा ली जाए।
तीन से पांच दिन में यह बीमारी ठीक हो सकती है। लेकिन, वायरल बुखार को चार-पांच दिनों तक नजरंदाज करने पर मियादी बुखार पकड़ ले रहा है। ऐसे मरीजों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।