बस्ती। फर्जी डीएल प्रकरण की जांच की आंच व्यवस्था पर भी पड़ी है। इधर, आरआई के निलंबन के बाद प्रभारी आरआई के कार्यालय में न बैठने पर व्यवस्था और बिगड़ गई है। हालांकि, विभाग यह दावा कर रहा है कि स्लाट के अनुसार, आवेदकों को बुलाकर बायोमेट्रिक और टेस्टिंग कार्य करवा रहे हैं।
बैकलाग इंट्री के जरिये बस्ती में अनाधिकृत रूप से बनवाए गए फर्जी डीएल प्रकरण की अभी जांच चल रही है। शासन से नामित जांच अधिकारी यहां चार दिनों तक जांच कर रिपोर्ट लेकर चले गए, वहीं स्थानीय स्तर पर डीएम की ओर से गठित जांच टीम ने भी अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। इससे स्पष्ट हो गया है कि अब कार्रवाई शासन स्तर से ही होनी है। मगर, उसके पहले पुराने मामले में आरआई सीमा गौतम का निलंबन फिर चर्चाओं के बाजार को गर्म कर दिया है।
हालांकि, अधिकारी यह नहीं बोलने को तैयार हैं कि किसके स्तर से चूक हुई है। इसमें कौन मुख्य रूप से दोषी है, मगर यहां तक कहा जा रहा है कि कई अधिकारी जांच की आंच में आएंगे और कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं, लगातार चल रही जांच और बिगड़ी व्यवस्था के सुधार में अधिकारी लगे हुए हैं, मगर डरे-सहमें कर्मी अब आंख बंद के बजाय जांच-परख के बाद ही फाइल को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे आवेदक भी कम दिख रहे।
कथित दलाल भी फरार दिख रहे हैं। आवेदकों का कहना है कि आनलाइन के बाद स्लाट को मिल रहा है, मगर बायोमेट्रिक और टेस्टिंग में समय लग रहा है। अधिकारी मौके पर नहीं मिलते। इससे अपनी बात भी नहीं कह मिल रहा है। व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। वहीं, टेस्टिंग ट्रैक की बात करें तो सूना दिखता है। आरटीओ प्रशासन फरीउद्दीन का कहना है कि आनलाइन आवेदन के बाद जो स्लाट अभ्यर्थियों को मिल रहा है, उसी के अनुसार बायोमेट्रिक करवा रहे हैं। टेस्ट भी लिए जा रहे हैं।
रही बात प्रभारी आरआई के बैठने का तो वह समय पर आकर काम निबटा रही हैं। व्यवस्था न बिगड़े ऐसे में निरीक्षण करके जानकारी भी ली जा रही है। बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम के जरिये भेजी जा चुकी है। बुधवार को 40 स्लाट बुक थे, कितने का हुआ, यह रिपोर्ट विभाग नहीं दे पाया।