- दस साल पहले नगर पालिका का हुआ था नया परिसीमन, आसपास के 69 गांवों को शामिल करने का बना था प्रस्ताव
- 51.5 वर्ग किलोमीटर में बस गया शहर, पालिका का क्षेत्रफल महज 19.4 वर्ग किलोमीटर में सीमित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विनियमित क्षेत्र विकास प्राधिकरण में तब्दील हो गया। लेकिन 71 वर्ष पुरानी नगर पालिका का दायरा नहीं बढ़ा। बीडीए मानचित्र के अनुसार शहर का वर्तमान क्षेत्रफल 51.5 वर्ग किलोमीटर में फैल चुका है। 25 वार्ड वाले इस निकाय की सीमा महज 19.4 वर्ग किलोमीटर में ही सिमट कर रह गई है। दस वर्ष पहले नए सिरे से परिसीमन हुआ है। आसपास के 69 गांवों को नगर पालिका में शामिल किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार हुआ। लेकिन शासन स्तर से स्वीकृति दिलाने में जन प्रतिनिधियों ने रुचि नहीं ली। ऐसे में शहर में रहते हुए भी करीब एक लाख लोग शहरी नहीं बन पाए।
वर्ष 1952 की गठित जिले की इकलौती और सबसे पुरानी नगर पालिका विकास की दौड़ में पीछे छूट गई है। सीमा विस्तार के लिए कई बार कवायद छिड़ी लेकिन, हर बार मुंह की खानी पड़ी। शहरी क्षेत्र का भौगोलिक दायरा तेजी से बढ़कर तीन गुना हो गया। नगर पालिका को अभी भी अपने विस्तार का इंतजार है। वर्ष 2012 से 2017 के पंचवर्षीय कार्यकाल में इस निकाय के विस्तार की कवायद छिड़ी, लेकिन आगे नहीं बढ़ पाया।
दोबारा वर्ष 2020 में इसके विस्तारीकरण की पहल हुई। नए सिरे से परिसीमन कराया गया। नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों के अलावा आसपास के कुल 69 गांव इसमें शामिल किए गए। विस्तारीकरण के लिए अंतिम रूप से पत्रावली तैयार कर शासन को वर्ष 2021 में प्रेषित की गई। उम्मीद जगी कि 2024 का निकाय चुनाव नए परिसीमन के हिसाब से होगा और पालिका को नगर निगम का दर्जा मिलेगा। लेकिन, कुछ ही दिनों के बाद शासन स्तर पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। नतीजा निकाय चुनाव पूर्व की तरह पुराने परिसीमन पर ही कराया गया।
इसके बाद 2024 में उम्मीद जगी कि प्रदेश के अन्य नगर पालिका की तरह बस्ती में भी सीमा विस्तार की मंजूरी मिल सकती है। लेकिन जनप्रतिनिधियों के रुचि न होने के कारण नगर पालिका सीमा विस्तार की फाइल शासन स्तर पर अटक गई, जबकि अभी हाल ही कुछ अन्य जिलों की नगर पालिका के सीमा विस्तार पर कैबिनेट की मोहर लगी है। सूत्रों की मानें तो उच्च स्तर पर जिले के कुछ माननीयों ने सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई।
नए परिसीमन में चौतरफा शामिल हुए थे गांव
नगर पालिका के नए परिसीमन में शहर के चारों तरफ के गांव शामिल किए गए थे। उत्तर दिशा में मनौरी, चैनपुरवा, पूरब दिशा में पचौरा बायपोखर, पश्चिम में गनेशपुर नगर पंचायत के सीमा प्रारंभ तक और दक्षिण में रानीपुर तथा सोनूपार तक के 69 गांव चयनित हुए थे। यदि नए परिसीमन के अनुसार सीमा क्षेत्र में वृद्धि हुई होती तो यह निकाय नगर निगम के रूप में 10 किलोमीटर की परिधि में विस्तार ले लेता, लेकिन यह संभव नहीं हो सका।
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तस्वीर बदलने के साथ शहर से सटे ये गांव
शहर का विस्तार नगर पालिका क्षेत्र से कहीं आगे हो चुका है। सेंटबेसिल स्कूल, खीरीघाट भटोलवा, मड़वानगर, संतपुर गदहाखोर, मिश्रौलिया, डिड़ौहा, बरगदवा, हरदिया, हवेलिया खास, बड़ार, मूड़घाट, भूअर निरंजनपुर, बेलगड़ी, मुंडेरवा, विशुनपुरवा, चननी, जिगिना, गिदही, सोनबरसा, जामडीह, लबनापार, नाऊडाड़ बड़ेरिया, अमौली, महुड़र, मरवटिया, बरवा, लखनऊरा आदि गांव शहरी क्षेत्र के अहम हिस्से बन गए हैं। इन गांवों में कंकरीट की नई काॅलोनियों बन रही हैं। बावजूद इसके पालिका की सीमा में ये शामिल नहीं हो सके।
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विकास परियोजनाओं से भी बढ़ा शहर का दायरा
शहर के बाहर महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी होने से भी शहरी क्षेत्र का दायरा बढ़ गया है। मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर रामपुर रेवली में महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की स्थापना वर्ष 2020 में हुई। यहां से तीन किलोमीटर पहले ओपेक चिकित्सालय कैली की स्थापना ढाई दशक पहले हो चुकी है। इसके अलावा छबिलहा खोर में राजकीय पॉलिटेक्निक, संभागीय परिवहन कार्यालय, कांशीराम आवास की स्थापना एक दशक पहले हो चुकी है। यह क्षेत्र सोनूपार तक शहर से सट गया है।
सीमा क्षेत्र में विस्तार से पालिका की बढ़ेगी नौ गुना आमदनी
नगर पालिका के सीमा क्षेत्र का विस्तार होने के बाद आमदनी में नौ गुना की वृद्धि होने का अनुमान है। नए परिसीमन के मुताबिक जिन 69 गांवों को शामिल किया गया है उनसे जलकर, गृहकर के रूप में सालाना 10 करोड़ रुपये के आय होने की उम्मीद है। वर्तमान नगर पालिका की यह आय एक करोड़ रुपये सालाना है।
सीमा विस्तार में बीडीए आगे
बीडीए प्रभावी हुए अभी पांच साल भी नहीं हुए कि सीमा विस्तार में यह नगर पालिका से कहीं आगे निकल गया। शुरू में नगर पालिका समेत आसपास के 69 गांवों के लिए महायोजना 2021 तैयार की गई थी। वहीं महायोजना 2031 के नए मास्टर प्लान में सीमा क्षेत्र बढ़ाकर 217 गांव शामिल कर लिए गए हैं। इसका कुल क्षेत्रफल 151 वर्ग किलोमीटर है।
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बोले जिम्मेदार
नगर पालिका के सीमा विस्तार के लिए प्रस्ताव शासन में प्रस्तुत है। निर्णय वहीं से होना है। मेरे स्तर से भी पैरवी की जा रही है। नगर पालिका बहुत पुरानी हो चुकी है, इसे विस्तार रूप लेना चाहिए। इससेे विकास के नए आयाम खुलेंगे।
- नेहा वर्मा, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद