बस्ती महोत्सव में डॉ. कुमार विश्वास के साथ मंचासीन कवि।
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भाव सूचियां बहुत हैं, भाव सिर्फ राम हैं...
बस्ती। जीआईसी ग्राउंड पर आयोजित बस्ती महोत्सव के दौरान मंगलवार की देर रात तक कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का दौर चलता रहा। मशहूर कवि एवं लेखक कुमार विश्वास की अध्यक्षता में देश के कई नामचीन कवियों-गीतकारों ने अपनी रचनाएं सुनाईं। अमन अक्षर, हेमंत पांडेय, शबा कानपुरी, मुमताज नसीम आदि से सजे मंच पर देश काल के हालात से लेकर शृंगार और हास्य रस की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों की श्रृंखला चलती रही। हल्की-हल्की ओंस की बूंदों के बीच ज्यों-ज्यों रात ढल रही थी त्यों-त्यों रात तालियों, ठहाकों व वाहवाह की गूंज से और जवां होती रही। न ओस की परवाह रही न ढलती रात की चिंता।
कवि सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले काव्य जगत को ऊंचाई पर पहुंचाने वाले कुमार विश्वास ने मंच पर उपस्थित कवियों-रचनाकारों का परिचय कराते हुए आयोजक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि 31 वर्ष की काव्य यात्रा के दौरान आज 28 जनवरी को महर्षि वशिष्ट एवं महान समालोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल की धरती का वंदन अभिनंदन करने का अवसर मिला। ग्राउंड में उपस्थित अपार जन समूह देख गदगद कुमार विश्वास ने कहा कि वह पहला वामपंथ ऐसा देख रहे हैं जो इतना मुखर है। कहा कि शब्दों की गंभीरता कई बार भीड़ में गुम हो जाती है।
स्थानीय कवि विवेकानंद मिश्र से कवि सम्मेलन की शुरुआत हुई। तेजी से ख्याति प्राप्त करते जा रहे युवा कवि अमन अक्षर ने अपनी बहुचर्चित रचना भाव सूचियां बहुत हैं, भाव सिर्फ राम हैं... सुनकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इस काव्य रचना की एक-एक पंक्तियों पर श्रोता मानो मंत्रमुग्ध होते गए। इस क्रम में हम पर तुम्हारे प्यार ने एहसान कर दिया, पूछा सहेलियों ने दिल में बसा है कौन, मैने तुम्हारे नाम का ऐलान कर दिया... सुनाया गया। सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक गण के अलावा आईजी आशुतोष कुमार, डीएम आशुतोष निरंजन, एसपी हेमराज मीणा, एएसपी पंकज पांडेय आदि अधिकारी अंतिम क्षण तक कविता का आनंद उठाते रहे।