बस्ती। जिले के किसानों की माली हालत सुधारने की मुहिम में महीनों से जुटे डीएम डॉ. राजशेखर ने जिले में चीनी उद्योग को फिर से पुनर्जीवित करने में काफी हद तक कामयाबी हासिल कर ली है। वाल्टरगंज और बस्ती शुगर मिल की बिक्री का रास्ता साफ हो गया। बृहस्पतिवार को दोनों मिलें खरीद रही लिविंग रेडियस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) राकेश वर्मा ने डीएम से मुलाकात कर अवगत कराया कि 21 दिसंबर तक क्रय-विक्रय अनुबंध पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। एमडी ने डीएम को आश्वस्त कराया कि कुछ हफ्ते देर से ही सही लेकिन मिलें इसी पेराई सत्र में चालू हो जाएंगी।
डीएम ने बताया कि एक बार जब क्रय-विक्रय अनुबंध हो जाएगा तो पुरानी कंपनी की सभी परिसंपत्तियां और देनदारियां स्वत: नई कंपनी में निहित हो जाएंगी। गन्ना किसानों की देनदारियों, बिजली बिल आरसी, श्रमिकों के भुगतान आदि जैसी सभी बकाए नई कंपनी द्वारा अदायगी होगी। नई कंपनी क्रय के दो महीने के भीतर मजदूरों और कर्मचारियों का भुगतान करेगी। इसके बाद किसानों के बकाये का निराकरण किया जाएगा। एमडी ने डीएम को अवगत कराया कि नई कंपनी को व्यवहार्य और टिकाऊ बनाने के लिए कंपनी विद्युत उत्पादन, एथेनॉल उत्पादन जैसी अन्य संसाधन जोड़ेगी। डीएम ने एमडी से जल्द से जल्द क्रय-विक्रय अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के साथ ही वाल्टरगंज शुगर मिल को गन्ना पेराई के लिए तैयार करने को कहा। डीएम ने एमडी राकेश वर्मा को जिला प्रशासन की तरफ से हर संभव समर्थन और सहयोग करने का आश्वासन दिया।