एक साथ पढ़ाई को लेकर प्रदर्शन करते शिक्षक।
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बस्ती। प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के सुधार के लिए तमाम कोशिश कर रही है। लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण सुधार नहीं हो पा रहा है। जिले में बहुत से स्कूल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं।
बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने एक ही परिसर में संचालित हो रहे प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल को एक ही साथ संचालित कराने का निर्णय लिया है। इसमें कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को एक ही साथ पढ़ाया जाएगा। 30 सितम्बर 18 की छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों का समायोजित किया जाएगा। विद्यालय के सीनियर शिक्षक प्रधानाध्यापक होंगे। जो स्कूल के सभी अभिलेखों की सुरक्षा दायित्व और स्कूल का संचालन करेंगे। विद्यालय में पूर्व में गठित प्रबंध समितियों का फिर गठन किया जाएगा। इसमें प्रधानाध्यापक सचिव होंगे। जिले में कुुल 2386 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 1747 प्राथमिक और 639 जूनियर हाईस्कूल हैं। कुल 196150 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। लगभग 140 विद्यालय प्राथमिक और जूनियर एक साथ संचालित हो रहे हैं। बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि एक ही परिसर में संचालित हो रहे अलग-अलग स्कूलों को एक विद्यालय में गठित करने के लिए बीईओ को निर्देशित किया गया है। जल्द से जल्द वह व्यवस्थित करके रिपोर्ट देंगे। इसके बाद यू डायस कोड जारी किया जायेगा। बाकी विद्यालय के अध्यापक और प्रधानाध्यापक यथावत बने रहेंगे।
प्राथमिक और जूनियर के विलय को लेकर विरोध प्रदर्शन
बस्ती। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने शनिवार को बीएसए कार्यालय में प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल के विलय पर शासनादेश की प्रतियां जला कर विरोध जताया।
जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने कहा कि जिले में लगभग 200 प्रधानाध्यापकों के पदों को समाप्त किया जा रहा है। आने वाले समय में विद्यालयों में शिक्षकों के कमी के कारण पठन-पाठन प्रभावित हो जाएगा। आरटीई एक्ट के तहत प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या पर जबकि जूनियर में विषय के अनुसार शिक्षक रखे जाते हैं। लेकिन सरकार तुगलकी फरमान जारी करके शिक्षकों को परेशान कर रही है। इस फरमान का पुरजोर विरोध किया जाएगा। किसी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने पाएगा। इस मौके पर अनिल पाठक, अविनाश दूबे, मनोज उपाध्याय, गौरव चौधरी, अखिलेश यादव, उमाकांत शुक्ला, राजकुमार तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।