संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की औद्योगिक क्रांति में बैंकों का फीड बैक खराब मिला। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में कई बैंकों का प्रदर्शन ठीक न होने पर डीएम रवीश गुप्ता ने नाराजगी जताई।
समीक्षा के दौरान कई बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे। बैंक आॅफ महाराष्ट्रा, पीएनबी, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, यूपी बड़ौदा, पंजाब एंड सिंध बैंक, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक एवं एसबीआई की प्रगति खराब मिली। डीएम को बताया गया कि बैंक आॅफ महाराष्ट्रा में 18 आवेदन प्राप्त हुए हंै, मगर ऋण नहीं दिए गए।
पीएनबी की 22 शाखाओं में 215 आवेदन पत्र भेजे गए हैं। सिर्फ 23 आवेदन पत्रों पर स्वीकृति एवं 8 आवेदन पत्रों पर ऋण वितरित किया गया है। एसबीआई की 39 शाखाओं में प्रेषित 536 आवेदनपत्रों के सापेक्ष 46 पर स्वीकृति एवं 38 आवेदनपत्रों पर ऋण वितरण हुआ।
डीएम ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एसबीआई जिले में मार्गदर्शी बैंक के रूप में भी कार्य कर रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बैंकों द्वारा सरकारी योजनाओं में रुचि नहीं ली जा रही है। यह चिंताजनक है। उन्होंने समस्त बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष एक सप्ताह के अंदर ऋण स्वीकृत-वितरित कराना सुनिश्चित करें।