गोरखपुर। भ्रष्टाचार के आरोपी बस्ती जिले की सदर तहसील में तैनात तत्कालीन लेखपाल मुदिता श्रीवास्तव की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने खारिज कर दी है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रमेश राम त्रिपाठी का कहना था कि 17 अप्रैल 2023 को शिकायतकर्ता राममूर्ति यादव ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन कार्यालय में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया।
उनका कहना था कि वह ग्राम पंचायत चौबाह के ग्राम प्रधान हैं। उनके गांव के लोगों की तरफ से शिकायत मिली है कि वर्तमान लेखपाल मुदिता श्रीवास्तव घरौनी दर्ज करने के एवज के प्रति व्यक्ति से एक हजार रुपये ले रही हैं। रुपये नहीं देने पर घरौनी नहीं दर्ज कर रही हैं। शिकायकर्ता प्रधान ने जब इसकी उलाहना दी, तो लेखपाल नाराज होकर बोलीं कि जो व्यक्ति पैसा देगा उसकी घरौनी दर्ज होगी।
शिकायतकर्ता ने लेखपाल को 20 हजार रुपये देने के बजाय रंगे हाथ पकड़वाना चाहा। इसलिए एक ट्रैप टीम का गठन हुआ और 25 अप्रैल 2023 को आरोपी लेखपाल को सदर मेन गेट के सामने फोटो स्टेट की दुकान से रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।