- राहुल अपहरण कांड में कोर्ट ने कसा पूर्व मंत्री के जमानतदारों पर शिकंजा
- कोर्ट में पेश नहीं हुआ कोई गवाह, पांच जनवरी को होगी अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में भगोड़ा घोषित पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के जमानतदारों पर न्यायालय ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विशेष सत्र न्यायाधीश/एमपी एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने मंगलवार को जमानतदारों से जमानत की रकम वसूल किए जाने का आदेश दिया। इसके साथ ही जमानतदारों की अलग से पत्रावली खोलने का भी आदेश दिया। मंगलवार को कोई गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ, अगली सुनवाई के लिए पांच जनवरी की तारीख तय की गई है।
6 दिसंबर 2002 को हुए कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज तिराहा निवासी राहुल मद्धेशिया के अपहरण के मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी साजिश रचने के आरोपी हैं। इस मामले में गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई हुई थी। कोर्ट में हाजिर न होने पर अमरमणि की लखनऊ और महराजगंज जिले में मिली संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। अब कोर्ट ने उनकी अनुपस्थित में ही सुनवाई का आदेश दिया है। इसके बाद पीड़ित राहुल मद्धेशिया का बयान दर्ज किया जा चुका है।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय में कहा कि अमरमणि के गैरहाजिर होने पर उनके जमानतदारों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने इसका संज्ञान लेते हुए अमरमणि के जमानतदारों गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र के अवई पाका गांव निवासी रोहित चतुर्वेदी और गोरखपुर के ही सहजनवा क्षेत्र के कालेसर निवासी नर्वदेश्वर यादव के खिलाफ अलग पत्रावली खोलते हुए धारा 446 दंड प्रक्रिया संहिता की कार्रवाई अमल में लाने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट के आदेश पर 2 फरवरी 2002 को जमानत धनराशि तय की थी। प्रत्येक जमानतदार द्वारा 50 हजार रुपये जमानत राशि की संपत्ति के कागजात जमा किए गए थे। अब रकम की वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।