बस्ती जिले में बाढ़ खंड कार्यालय का डीएम ने किया निरीक्षण।
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डीएम के निरीक्षण में खुली बाढ़ खंड की पोल
बस्ती। जिले के बाढ़ खंड कार्यालय में वित्तीय नियमों का अनुपालन न होने पर डीएम आशुतोष निरंजन ने असंतोष व्यक्त किया है। अनियमितता की पोल खुलने पर डीएम ने वित्तीय अभिलेखों की जांच का निर्देश मुख्य कोषाधिकारी को दिया है। चेतावनी दी है कि यदि गंभीर अनियमितता पाई गई तो शासन को स्पेशल वित्तीय आडिट की संस्तुति देंगे। इस दौरान उन्होंने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाह दो कर्मियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।
निरीक्षण में डीएम ने पाया कि कार्यालय की कई आलमारियां विभिन्न जांच संबंधी पत्रावलियों से भरी हैं। निर्देश दिया कि एक सप्ताह में सभी अभिलेखों का डिजिटाईजेशन कराकर सूचित करें जो पुरानी पत्रावलियां हैं उनका निस्तारण कराएं। प्रत्येक रविवार को कार्यालय में सफाई अभियान चलाएं। डीएम ने यह भी पाया कि कार्यालय में आवश्यकता से अधिक लिपिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि वे सही आकलन कर रिपोर्ट विभाग के अधीक्षण अभियंता को भेजें। डीएम ने फोन पर ही अधीक्षण अभियंता को वस्तु स्थिति की जानकारी देते हुए निर्देश दिया कि तीन दिन के अंदर अतिरिक्त कर्मियों को हटाकर काम की जगह पर स्थानांतरित करें। सहायक अभियंता के कार्यालय के निरीक्षण में वर्ष 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 के भुगतान लंबित पाये गये। सहायक अभियंता ज्ञानधर प्रसाद इसके बारे में समुचित जवाब नहीं दे पाये। बिलों के निरीक्षण में भी डीएम को वित्तीय अनियमितता नजर आई, उन्होंने सीटीओ श्रीनिवास त्रिपाठी को निर्देश दिया कि वे अपनी टीम लगाकर पूरे कार्यालय के वित्तीय अभिलेखों का निरीक्षण करें एवं रिपोर्ट दें। सहायक अभियंता कार्यालय में कार्यरत अशोक सिंह के चार्ज का भी जांच करने का मुख्य कोषाधिकारी को निर्देश दिया है।
निरीक्षण के दौरान उन्होेंने पाया कि जिलेदार चक्रधारी के पास जमीन खरीद का कोई नक्शा, रजिस्टर, रिकार्ड नहीं है। जबकि बाढ़ खण्ड द्वारा बंधा निर्माण के लिए कई स्थानों पर काश्तकारों से जमीन खरीद की जा रही है। अधिशासी अभियंता बलवीर सिंह ने बताया कि वे भूमि खरीद की जानकारी संबंधित सब डिविजन के अमीनों से प्राप्त करते हैं। डीएम ने लेटर भेजने व डायरी मेंटेन करने के लिए तैनात लिपिक ओम नारायण की आलमारी बेतरतीब पाई। वे वर्ष 2018-19 को डिस्पैच रजिस्टर भी नहीं दिखा सके। डीएम ने जिलेदार व डिस्पैचर को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है।