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संतकबीरनगर जिले में शिफ्ट होगा बड़ेवन टोल प्लाजा

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बड़ेवन के पास स्थित टोल प्लाजा - फोटो : BASTI
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संतकबीरनगर जिले में शिफ्ट होगा बड़ेवन टोल प्लाजा
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बस्ती। गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर वाहन लेकर सफर करने वालों को जल्द ही एक जिले में दो जगह टोल टैक्स भरने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नए मानक के तहत फोरलेन पर स्थित बड़ेवन का टोल प्लाजा हटाया जाएगा। इसे संतकबीरनगर के कांटे के आसपास शिफ्ट करने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए भूमि की तलाश की जा रही है। ऐसा होने के बाद फोरलेन से होकर प्रतिदिन गुजरने वाले 10 हजार वाहन स्वामियों को फायदा होगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सीएम द्विवेदी का कहना है कि केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय टोल प्लाजा को मानक के अनुसार बनाने के प्रति गंभीर है। इसे लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। चूंकि लखनऊ-गोरखपुर हाईवे को सिक्स-लेन बनाया जाना है, ऐसे में सिक्स-लेन के मानक के हिसाब से इस टोल को स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है।
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लखनऊ से गोरखपुर के 269 किलोमीटर के बीच चार टोल प्लाजा पर वाहनों से टोल टैक्स की वसूली की जाती है। जिसमें बाराबंकी जिले में अहमदपुर, अयोध्या जिले में रौनाही के अलावा बस्ती जिले की सीमा में चौकड़ी (छावनी) और बड़ेवन में टोल प्लाजा स्थित है। वहीं संतकबीरनगर जिले की सीमा में एक भी टोल प्लाजा नहीं है। इसमें चौकड़ी और बड़ेवन टोल प्लाजा के बीच की दूरी मात्र 34 किलोमीटर है। जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियमों के अनुसार दो टोल प्लाजा के बीच की दूरी कम से कम 60 किलोमीटर होनी चाहिए। इतना ही नहीं एक जिले की सीमा में सिर्फ एक टोल प्लाजा होने का भी नियम है मगर यहां फोरलेन पर एक मात्र बस्ती ऐसा जनपद है जहां वाहन लेकर गुजरने वालों को दो जगह टोल टैक्स भरना पड़ता है।
इसके अलावा टोल प्लाजा को शहर के नगर पालिका क्षेत्र की सीमा के चार किलोमीटर दूर बनाने का नियम है मगर बड़ेवन का टोल प्लाजा नगर पालिका क्षेत्र से सटा हुआ है। इन विसंगतियों के बावजूद पिछले करीब 10 वर्षों से दोनों टोल प्लाजा पर टैैक्स की वसूली होती आ रही है। पिछले दिनों केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसे लेकर लोकसभा में भी बयान दिया था कि 60 किलोमीटर के भीतर दो टोल प्लाजा नहीं होंगे। ऐसे टोल जहां बन गए हैं, उन्हें तीन महीने के भीतर हटा दिया जाएगा। एनएचएआई के सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण की तरफ से बड़ेवन के टोल प्लाजा को हटाकर संतकबीरनगर की सीमा में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
10 वर्षों में वसूले 720 करोड़ रुपये
30 अक्टूबर 2012 से शुरू हुए बड़ेवन टोल प्लाजा से होकर 24 घंटे में औसतन 11 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। जिनसे औसतन 20 लाख रुपये टोल की वसूली की जाती है। इस तरह प्रतिमाह छह करोड़, प्रतिवर्ष 72 और 10 वर्षों में 720 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
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नेपाल की तरफ आने-जाने वाले वाहनों को फायदा
बड़ेवन टोल प्लाजा के हटने से सिद्धार्थनगर जनपद के अलावा नेपाल की तरफ आने वाले वाहनों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। इसके अलावा लुंबिनी-दुद्धी मार्ग से वाराणसी, अंबेडकरनगर की तरफ से आकर सिद्धार्थनगर-नेपाल की तरफ जाने वाले वाहनों का टोल नहीं देना पड़ेगा।
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