बस्ती। जिले के नगरीय क्षेत्रों में आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर खुलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर मोहल्ले वासियों को सहूलियत मिलेगी। यहां एमबीबीएस डॉक्टर समेत स्टाफ नर्स की तैनाती होगी। ओपीडी जैसी सुविधा दी जाएगी।
मरीजों की सहूलियत के लिए शहरी क्षेत्र में 13 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे, जिनमें डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात करने की तैयारी है। यह सेंटर खुलने के बाद गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण, परिवार नियोजन और कुपोषित बच्चों की देखभाल बेहतर तरीके से हो सकेगी।
प्रत्येक केंद्र पर एक-एक डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। शहर में बनने वाले दो आरोग्य मंदिर दिसंबर में चालू कर दिए जाएंगे। बाकी 10 नगरीय क्षेत्रों में अस्पताल के लिए भवन तलाशे जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शासन के आदेश पर पालिका क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना करने की तैयारी की जा रही है।
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार कराने के मकसद से आरोग्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल शहरी क्षेत्रों में ही आरोग्य मंदिर तैयार किए जाएंगे। नगर पालिका परिषद बस्ती में तुर्कहिया और पुराना डाकखाना सिविल लाइन में केंद्रों की स्थापना की जानी है। सीएमओ ने बताया कि अभी तक शहर में चार आरोग्य मंदिर संचालित हैं। जहां एमबीबीएस डॉक्टर सेवा दे रहे हैं।
इसके अलावा दो नये सेंटर खोलने के लिए तैयारी की जा रही है। जिनमें पेटिंग, फर्नीचर, मेडिकल उपकरण की व्यवस्था कराई जा रही है, जो दिसंबर तक चालू कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन आरोग्य मंदिरों के तैयार होने से मरीजों को काफी लाभ मिलेगा, लोगों के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर की जाएगी।
किराए के भवन में बनेंगे आरोग्य मंदिर: शहरी क्षेत्र के जिला समन्वयक सच्चिदानंद चौरसिया के अनुसार, ये आरोग्य मंदिर किराए के भवन में स्थापित किए जाएंगे। जिसमें सभी सुविधा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। भवन की खोजबीन की जा रही है। कुछ जगहों पर भवन मिल चुके हैं।
यहां बनेंगे सेंटर, होगी सहूलियत : नगर पालिका बस्ती क्षेत्र और नगर पंचायत भानपुर में दो-दो जबकि नगर पंचायत गनेशपुर, मुंडेरवा, रुधौली, बनकटी, गायघाट, कप्तानगंज, हर्रैया, बभनान और नगर में एक-एक आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे।