बस्ती। 70 साल की आयु पूरी कर चुके बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। ऑनलाइन व्यवस्था साइट न चलने जैसी विसंगति बुजुर्गों को मुश्किल में डाल रही है।
जिम्मेदार आवेदन करने से हाथ खड़े कर दे रहे हैं। कार्ड बनवाने के लिए बुजुर्ग लाभार्थी एक-दूसरे अस्पताल में रोजाना भाग-दौड़ करते देखे जा रहे हैं।
शासन ने 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को आयुष्मान योजना का लाभार्थी बनाए जाने की मुहिम छेड़ी है। मगर ऑनलाइन व्यवस्था में कमी के चलते लाभार्थियों की परेशानी बढ़ गई है। तमाम प्रयास के बाद भी इस आयु वर्ग के लोग लाभार्थी नहीं बन पा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अपनों के साथ बुजुर्ग इधर से उधर भटकते नजर आ रहे हैं। सीमएओ कार्यालय स्थित आयुष्मान भारत योजना कक्ष में रोजाना 25 से 30 बुजुर्ग लाभार्थी आधार कार्ड लेकर पहुंच रहे हैं। यहां कार्ड तो नहीं बनाया जा रहा है, लेकिन, पात्रता सूची में नाम शामिल होने की जानकारी दे दी जा रही है।
इसके बाद बुजुर्गों को ओपेक चिकित्सालय कैली भेजा जा रहा है। यहां बुजुर्गों का कार्ड बनवाने में मदद के लिए आयुष्मान मित्र की तैनाती बताई जा रही है।
वहीं जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत आठ सीएचसी पर आयुष्मान मित्र न होने के कारण यहां यह सेवा ठप है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले में साढ़े सात हजार लोगों का कार्ड बन चुका है।
जबकि इस आयु सीमा के बुजुर्गों की संख्या तीन गुने से अधिक बताई जा रही है। 75 वर्ष के राम अवध ने बताया कि पिछले एक महीने से वह आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए परेशान है। उनका आवेदन ही नहीं हो पा रहा है।