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Basti News: इन्फ्लुएंजा को लेकर अस्पताल तैयार, न सतर्कता न तो मास्क

Mon, 13 Mar 2023 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। इन्फ्लुएंजा को लेकर जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज अलर्ट तो हैं। कोविड काल में मिले संसाधन भी ठीक ढंग से संचालित हैं, मगर एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलने वाले एच-3 एन-2 के खतरे से अभी भी आम जन बेपरवाह है। न तो कोई मास्क लगा रहा है, और न सामाजिक दूरी का पालन ही हो रहा है।
जिला चिकित्सालय व मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में कुछ ऐसा ही टीम ने कैमरे की नजर से देखा।
जिला चिकित्सालय में 11 बजे अमर उजाला टीम पहुंची, तो पर्ची के लिए लंबी लाइन लगी देखी। एक-दो को छोड़कर कोई मास्क नहीं लगाए हुए था। यही नहीं लाइन में दूरी के पालन के लिए न तो चिकित्सालय प्रशासन ने कोई व्यवस्था की थी, जिससे सोशल डिस्टेंस का पालन हो सके। यही हाल चिकित्सकों के कक्ष में था। यहां चिकित्सक तो मास्क पहने थे, मगर मरीजों की भीड़ इससे बेपरवाह थी। कक्ष के बाहर भी कोई रोक टोक नहीं था, और न ही कोई बोर्ड ही मास्क लगाने की जागरूकता के लिए लगा मिला। चिकित्सक डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि लोगों से कहा जा रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
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डॉ. एके वर्मा ने कहा कि चिकित्सालय में एक हजार एलपीएम का ऑक्सीजन जनरेटर मशीन स्थापित है। जो काम कर रहा है। दस बेड के इस वार्ड को तैयार कर लिया गया है, जिससे एच-3 एन-2 के मरीज को यहां भर्ती किया जा सके। अस्पताल में इन्फ्लुएंजा जांच की पूरी व्यवस्था है। अभी तक इस रोग से पीड़ित कोई मरीज नहीं मिला है। लक्षण वाले मरीजों की जांच के लिए विशेष चिकित्सक डॉ. अंकित के पास भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की ओर से मास्क व सोशल डिस्टेंस का पालन करने के लिए जगह-जगह पोस्टर चस्पा कराया जाएगा।
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ओपेक चिकित्सालय में भी संसाधन तैयार
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में टीम करीब 12 बजे पहुंची। यहां भी जिला अस्पताल जैसी ही स्थिति थी। हालांकि पर्ची काउंटर पर भीड़ तो नहीं थी, मगर चिकित्सक के कक्ष में बिना मास्क लगाए मरीज भरे थे। मेडिसिन विभाग में डॉ. रजत मरीजों को देख रहे थे। डॉक्टर तो मास्क पहने थे, मगर कोई मरीज मास्क लगाकर भीतर नहीं जा रहा था। यह अलग बात है कि कक्ष के बाहर ही मास्क लगाने का पोस्टर चस्पा किया गया था।
डॉ. रजत ने कहा कि अभी तक सामान्य खांसी, बुखार व जुकाम का करीब 25 मरीज आए हैं, मगर किसी में भी इन्फ्लुएंजा का लक्षण नहीं पाया गया है।

40 शैय्यायुक्त कोविड वार्ड को इन्फ्लुएंजा वायरस से पीड़ित के लिए तैयार किया गया है। सभी बेड पर वेंटीलेटर व ऑक्सीजन की व्यवस्था है। अस्पताल के दोनों ऑक्सीजन प्लांट संचालित हैं। इससे कोविड वार्ड को जोड़ा गया है। अस्पताल में जांच की सुविधा भी है। मास्क लगाने के लिए सभी चिकित्सक कक्षों के बाहर पोस्टर लगाए गए है। लोगों से मास्क लगाने के लिए कहा भी जा रहा है।
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-डॉ. मनोज कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

मुंडेरवा व रुधौली में संचालित है वार्ड
इंफ्लुएंजा की तैयारी पर सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने कहा कि इस नई बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुंडेरवा व रूधौली में स्थापित कोविड वार्ड को इन्फ्लुएंजा से पीड़ितों को भर्ती करने के लिए प्रयोग में लाया जाएगा। क्योंकि इन दोनों अस्पतालों में एल-वन बनाया गया था। फरवरी में यहां मॉकड्रिल भी कराई गई थी। यहां स्थापित 30-30 शैय्या के वार्ड में वेंटीलेटर आदि की भी सुविधा दी गई है। जागरूकता के लिए चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें, जिससे बीमारी को रोका जा सके।
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