बस्ती। अवैध निर्माण पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया है। भवन स्वामियों के ऊंचे रसूख के चलते बीडीए (बस्ती विकास प्राधिकरण) अब तक कार्रवाई के नाम पर मुट्ठी बांधे हुए था लेकिन सचिव के रूप में बीडीए की कमान जैसे ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने संभाली पूरे महकमे में खलबली मच गई। कार्यभार ग्रहण करने के पहले ही दिन मीणा ने लापरवाही बरतने पर तीन कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक टाइपिस्ट की सेवा समाप्त कर दी थी। बुधवार को बीडीए के सचिव ने सात अवैध निर्माण को सील कर दिया।
सचिव की इस कार्रवाई से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। पहली कार्रवाई मयंक गाडिया के पर हुई। इन्होंने पिकौरा बक्श में बिना मानचित्र स्वीकृति के लगभग सौ वर्गमीटर क्षेत्रफल में बेसमेंट व तीन मंजिला अवैध निर्माण करते हुए साड़ी के शोरूम का निर्माण किया कराया था। दूसरी कार्रवाई मोहम्मद अब्दुल वहीद पर हुई, इन्होंने पिकौरा दत्तूराय दरिया खां में लगभग 110 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृति के दुकानों का निर्माण किया था। तीसरी कार्रवाई डॉ. संजय गौड़ पर हुई, इन्होंने बिना मानचित्र स्वीकृति के लगभग 150 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में व्यवसायिक निर्माण किया था। इसी तरह चौथी कार्रवाई डॉ. अब्दुल बारी पर हुई, जिन्होंने मिल्लतनगर में 110 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृति के तीन तलों पर निर्माण कराया था। पांचवीं कार्रवाई भी इन्हीं के ऊपर की गई। इसी मोहल्ले में ही इन्होंने 140 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृति दो तलों पर निर्माण कराया था। छठवीं कार्रवाई उमेश चौधरी पर हुई, इन्होंने हवेली खास बांसी रोड पर लगभग 250 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैध निर्माण कराया था। इसी तरह सातवीं कार्रवाई सुजीत चौधरी पर की गई। इन्होंने बरगदवा बांसी रोड पर लगभग 30 वर्गमीटर पर बिना मानचित्र स्वीकृति के आवासीय भू उपयोग में व्यवसायिक दो दुकानों का निर्माण कराया था। इन सभी के भवनों को सील कर दिया गया है।
इस दौरान अधिशासी अभियंता पंकज पांडेय, एके सिंह, अवर अभियंता अनिल त्यागी, तहसीलदार हर्रैया चंद्रभूषण प्रताप सिंह, आरडी यादव, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।