ऑटो रिक्शा जन कल्याण समिति की ओर से प्रस्तावित धरना बुधवार को शुरू हो गया। ऑटो का पहिया थम गया और बड़ी संख्या में ऑटो चालक कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए। इसके बाद क्रमिक धरना शुरू हो गया। तय हुआ कि आठ मई तक ऑटो किसी भी स्थिति में बच्चों को स्कूल नहीं लेकर जाएंगे। इस दौरान आंदोलनकारियों ने आरटीओ और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इस पर रोक लगाने की मांग उठाई।
समिति के उपाध्यक्ष मो. हारुन के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर धरना शुरु हुआ। मो. हारुन, मो. मोइज, जावेद और कन्हैया लाल गुप्ता ने आरोप लगाया कि कुशीनगर में हुई घटना के बाद मनमाने ढंग से आरटीओ और पुलिस के लोग वसूली करने में जुटे हैं। कागजात होने के बावजूद ऑटो चालकों को परेशान किया जा रहा है। इन स्थितियों में आंदोलन के सिवा कोई विकल्प ऑटो चालकों के सामने नहीं बचा था। धरने में नगर पालिका के कथित ठेकेदारों की वसूली का मुद्दा भी छाया रहा। इस मौके पर मो. शफी खां, बृृजेश चौधरी, फिरोज अहमद, राने, लालमन, अकबर अली, मनी, रोशन अली, शंकर बिहारी, रामशंकर पाल, दुर्गा सिंह, अब्दुल रसीद आदि मौजूद रहे।