जिला महिला अस्पताल में सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक कोई भी चिकित्सक नहीं पहुंचा। इस कारण महिलाएं तीन घंटे तक उपचार के लिए परेशान रहीं और उन्हें गैलरी में बैठकर चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा।
11 बजे चिकित्सक के पहुंचने बाद महिलाओं को परामर्श मिला। अस्पताल के सीएमओ और अस्पताल के प्रभारी सीएमएस ने बताया कि ड्यूटी चार्ट में नाम न तय हो पाने से यह असुविधा हुई है। प्रशासनिक कार्य देख रहे डॉक्टर को आगे से ऐसी गलती न करने की हिदायत दी गई है। वहीं 11 बजे तक कुल 225 पंजीकरण हो चुके थे, जब सोमवार को कुल 472 पंजीकरण हुए। चिकित्सक के देरी से पहुंचने के कारण दोपहर 3.30 बजे तक ओपीडी चली।
महिला अस्पताल में सोमवार को सुबह आठ बजे से ही परामर्श पर्ची लेकर रोज की तरह गर्भवती और उनके परिवार वाले डॉक्टरों से परामर्श लेने पहुंचीं। लेकिन काफी देर तक ओपीडी के किसी भी कक्ष में कोई डॉक्टर नहीं पहुंचीं। यह स्थिति ग्यारह बजे के करीब तक बनी रही।
इस समय तक किसी भी डॉक्टर के न पहुंचने से ओपीडी गैलरी व बरामदे में बड़ी संख्या में परामर्श पर्ची कटाकर महिलाएं डॉक्टर का इंतजार करती रहीं। कई गर्भवती तो पीड़ा से कराहते हुए बरामदे में ही बैठ गईं। कलवारी से आईं रेनू, बनकटी की बुद्घिमता, सोनहा से आईं पूनम आदि ने बताया कि सुबह से डॉक्टरों के इंतजार में उनकी दिक्कत कम होने के बजाए और बढ़ गई है।
मीडिया के जरिए जब सीएमओ/प्रभारी सीएमएस डॉ. जेपी सिंह को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने प्रशासनिक कार्य देख रहे डॉ. गणेश यादव को फोन कर जानकारी ली। इस पर डॉ. गणेश ने बताया कि कई डॉक्टरों ने आपस में ही ड्यूटी में फेरबदल कर ली है, इसके चलते स्थिति आई। सीएमओ ने उनको आगे से ऐसी गलती न दोहराने की हिदायत देते हुए संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। 11 बजे के करीब डॉक्टरों के पहुंचने पर परामर्श का काम शुरू हुआ।
जिसके चलते काफी देर तक अस्पताल में अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। सीएमओ डॉ जेपी सिंह ने बताया कि यह लापरवाही है। जो भी महिला डॉक्टर ड्यूटी पर रहीं होंगी उनसे स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।