मौसम का असर
ठंड बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में बढ़ गए हैं अस्थमा के मरीज, आईसीयू की पड़ रही जरूरत
दवा के साथ सतर्कता बरतने का डॉक्टर दे रहे सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ठंड बढ़ने के साथ ही अस्थमा, श्वास के मरीजों को दिक्कत होने लगी है। ठंड से उनकी सांसें फूलने लगी हैं। ऐसे रोगी ज्यादातर बुजुर्ग हैं, जिन्हें सर्दी का जल्दी असर होता है। गंभीर मरीजों को आईसीयू की जरूरत पड़ रही है। जिला अस्पताल में रोज 70 से 80 मरीज सांस और अस्थमा संबंधी आ रहे हैं।
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि ठंड का मौसम भले ही सुहावना होने के साथ ही सेहत के लिए फायदेमंद होता हो लेकिन अस्थमा, श्वास के मरीजों के लिए उतना ही नाजुक समय होता है। ठंड में अस्थमा और श्वास की तकलीफ बढ़ जाती है। ठंड लगने पर शरीर का तापमान तेजी से गिरने लगता है। शरीर में संचित ऊर्जा नष्ट होने लगती है। इससे हाइपोथर्मिया या शरीर का तापमान कम हो जाता है।
हाइपोथर्मिया मस्तिष्क पर असर डालता है। बताया कि इस मौसम में सर्दी, जुकाम और जोड़ों में दर्द के साथ-साथ सांस की परेशानी का बढ़ना बहुत आम हो जाता है। ठंड बढ़ने से लोग अस्थमा, श्वास के मरीजों की समस्याएं लगातार बढ़ गई है। ठंड के चलते मरीजों का दम फूलने लगा है।
एमडी डॉ. पीएल गुप्ता ने बताया कि सांस रोगियों में सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, कुछ दूरी तय करने पर सांस फूलने जैसी समस्याएं होती हैं। सर्दी बढ़ने से पुराना मर्ज भी उभर आता है। जिसके कारण मरीजों की समस्या बढ़ रही है। लापरवाही भारी पड़ सकती है। गंभीर रोगियों को आईसीयू में रखा जा रहा है।