राहुल मद्धेशिया अपहरण केस
न्यायालय में पूर्व मंत्री अमरमणि से अलग पांच आरोपियों की चल रही केस की फाइल
अभियुक्तों पर आरोप तय करने के लिए बुधवार को होनी थी न्यायालय में सुनवाई
डिस्चार्ज आवेदन निरस्त होने के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल की गई है याचिका
एमपी-एमएसए विशेष न्यायालय में चल रही है 22 वर्ष पुराने मामले की सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी से जुड़े व्यापारी के बेटे के अपहरण कांड में आरोपियों पर चार्ज फिक्स करने की कार्रवाई के क्रम में बुधवार को सुनवाई हुई। आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देते हुए 15 दिन की मोहलत मांगी। इस पर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/ विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने अंतिम अवसर देते हुए 16 नवंबर को फिर से सुनवाई की तारीख तय की है।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाने में दर्ज केस को आगे बढ़ाने के लिए न्यायालय में पांचों आरोपियों पर चार्ज फिक्स करने की कार्रवाई चल रही है। केस में अलग चल रही फाइल में शामिल पांचों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए इस आधार पर हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है कि पुलिस ने जो चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की है, उसमें उन पर अपहरण का आरोप साबित नहीं होता है। उनके कब्जे से न तो अपहृत की बरामदगी हुई थी और न ही उनके किसी संसाधन का अपहरण में इस्तेमाल हुआ है।
उनकी इस दलील को नकारते हुए एमपी-एमएसए विशेष न्यायालय ने डिस्चार्ज आवेदन खारिज करते हुए चार्ज फिक्स करने के लिए तीन नवंबर की तारीख तय की थी। तीन नवंबर को केस की सुनवाई के दौरान इस संबंध में आरोपियों की तरफ से उच्च न्यायालय में रिट दाखिल करने की सूचना देते हुए याचिका के निस्तारण होने तक मोहलत की अर्जी दी गई थी। इस पर न्यायालय ने पांच दिन की मोहलत देते हुए अगली सुनवाई के लिए आठ नवंबर की तारीख तय की थी।
बुधवार को प्राइवेट कौंसिल की तरफ से प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया कि इस प्रकरण में डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र खारिज करने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील लंबित है। वहां से कोई आदेश पारित होने तक सुनवाई के लिए मोहलत दी जाए। इसे मंजूर करते हुए न्यायालय ने 16 नवंबर तक की मोहलत मंजूर कर ली।
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यह है मामला
छह दिसंबर 2001 को शहर के व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल के अपहरण मामले में सात आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें हनुमान शुक्ला उर्फ काका, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, राम विलास, जग प्रताप वर्मा, नैनीश शर्मा, शिवम आरोपी बनाए गए। बाद में तफ्तीश के दौरान अमरमणि त्रिपाठी का नाम भी केस में जोड़ा गया। पुलिस ने संदीप, हनुमान, अजय, आनंद, राम विलास, जग प्रताप को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आरोप तय कर दिए। सभी का ट्रायल शुरू हो गया। मगर, नैनीश, शिवम और अमरमणि एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। न ही तीनों की गिरफ्तारी हो सकी। बाद में मुख्य आरोपी संदीप की मौत हो गई। इसके बाद न्यायालय में हाजिर हो चुके राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, जग प्रसाद व हनुमान शुक्ला ने इस केस में अपनी फाइल अलग करवा ली। इस तरह से दो फाइल तैयार हुई। एक फाइल में राम विलास, अजय मिश्रा, आनंद सिंह और जग प्रसाद तथा हनुमान शुक्ला हैं। दूसरी फाइल में अब तक फरार अमरमणि, नैनीश और शिवम का नाम है। इस वजह से पांच आरोपियों की फाइल में ट्रायल चल रहा है।