महराजगंज। मानदेय और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के लिए ऑल इंडिया आशा अधिकार मंच के आह्वान पर आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। हर्रैया में कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान निपनिया की आशा रेखा देवी और दौलतपुर की रीता पांडेय की तबीयत बिगड़ गई। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
दोनों को सीएचसी हर्रैया में भर्ती कराया गया। उनका उपचार चल रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि आशा और संगिनी कार्यकर्ता दो से 12 अक्तूबर तक आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य विभागीय कार्यों का बहिष्कार कर रही हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों में लगातार जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है।
कहा है कि सत्र 2026 शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री की ओर से आशा, संगिनी समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों का उचित मानदेय और प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने की घोषणा की गई थी। आरोप है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों के मानदेय और प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की गई लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
संगठन के अनुसार मांगों को लेकर सरकार से लगातार संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। सकारात्मक वार्ता नहीं होने पर आंदोलन के पहले चरण में कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। संगठन से जुड़े शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 12 अक्तूबर तक यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो इसके बाद 24 घंटे का अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
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