एसआईसी की मौजूदगी में अनुपस्थित डॉक्टर हुए सूचीबद्ध, मांगा गया स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल में ड्यूटी पर मुस्तैदी से काम करने का दावा झूठा निकला। वार्ड से लेकर ओपीडी तक डॉक्टरों के लिए हाहाकार मचा रहा। कोई उनका इंतजार कर रहा था तो कुछ इधर-उधर चिकित्सक से मिलने के लिए उनके निजी ठिकानों का पता खोजते नजर आए। रोजाना की तरह यह दृश्य बृहस्पतिवार को भी जिला अस्पताल में बना रहा। इसी बीच सीएमओ डॉ. आरएस दुबे निरीक्षण करने पहुंच गए। कुछ ही देर में हकीकत सामने आती गई। उनके साथ चल रहे एसआईसी डॉ. वीके सोनकर सबकुछ ठीक होने की बात दोहराने के बजाय चुप थे। निरीक्षण में एक-दो नहीं 22 चिकित्सक गायब मिले।
सीएमओ डॉ. आरएस दुबे सुबह करीब 8:55 बजे अचानक पहुंचे तो व्यवस्था चाक-चौबंद करने भर का समय अस्पताल प्रशासन को नहीं मिल पाया। जस की तस स्थिति में अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सोनकर भी सीएमओ के साथ चल पड़े। ओपीडी के तमाम कक्ष चिकित्सकों से खाली मिलते गए। वार्ड में भी डॉक्टरों को राउंड करते हुए नहीं देखा गया। समूचे अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था राम भरोसे दिखी।
पूछने पर जिला अस्पताल के मौजूद जिम्मेदार बंगले झांकते नजर आए। हालांकि, बात अपने संवर्ग के बीच की थी, इसलिए निरीक्षण में तल्खी नहीं दिखी। सीएमओ बहुत करीने से डॉक्टरों के मौजूदगी की छानबीन करते रहे। एसआईसी कक्ष में आकर सीएमओ ने उपस्थिति पंजिका जांची तो 22 चिकित्सक ड्यूटी से गायब मिले।
एक महिला कर्मचारी दो-दिन से नदारद बताई गई। निरीक्षण के दौरान लाइन में खड़े मरीज और तीमारदार भी इस फिराक में थे कि वह भी कुछ हकीकत से पर्दा उठा दें। मुंडेरवा से आए प्रभुनाथ ने कहा कि सरकारी अस्पताल है, यहां 10 बजे से पहले कोई डॉक्टर नहीं आते हैं। कुछ डॉक्टर अपने निजी आवास या निजी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस की जिम्मेदारी संभाल रहे होंगे।
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जानिए, ड्यूटी से कौन डॉक्टर मिले नदारद
सीएमओ के निरीक्षण में 22 डॉक्टर अनुपस्थित मिले। इसमें डॉ. वीके वर्मा, डॉ. वीके यादव, डॉ. मयंक पांडेय, डॉ. एएन त्रिगुण, डॉ. एके सिंह, डॉ. एसके सिंह, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. सीएल कन्नौजिया, डॉ. अरशद, डॉ. एसएस कन्नौजिया, डॉ. विजय शंकर सिंह, डॉ. उपासना, डॉ. पंकज कुमार गुप्ता, डॉ. रक्षाना ए, डॉ. गोपाल कृष्ण राय, डॉ. कमल नयन मिश्रा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अखिलेश, डॉ. अभय गुप्ता, डॉ. सतीश चौधरी, डॉ. जुनैद अहमद व रामजीत चौधरी शामिल रहे। जबकि मुन्नी देवी दो दिन से नदारद बताई गई। रजिस्टर पर उनका हस्ताक्षर भी नहीं मिला।
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कोट
जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया है। 22 डॉक्टर गैरहाजिर मिले। यह स्थिति चिंताजनक है। एसआईसी से अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण तलब करने का अनुरोध किया गया है।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ