कलेक्ट्रट सभागार में पाच मराठा रेजीमेंट के अधिकारियों के साथ आपदा विशेषज्ञ रंजीत रंजन ।
बस्ती। इस बार जनपद के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए सेना की टुकड़ियां उतारी जाएंगी। इसके लिए प्रशासन ने सेना के दो रेजीमेंट से संपर्क साधा है। बाढ़ आपदा के समय गोरखा रेजीमेंट गोरखपुर और पांच मराठा रेजीमेंट अयोध्या की टुकड़ियां यहां पहुंचेंगी। इन टुकड़ियों से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का समन्वय स्थापित हो चुका है। इसके अलावा रेस्क्यू आपरेशन के लिए एनडीआरएफ टीम की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
बाढ़ से बचाव कार्य तैयारियां लगभग अंतिम चरण में है। सरयू के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ से आने वाली भीषण तबाही से निपटने के लिए पहली बार सेना की मदद लिए जाने की याेजना तैयार हुई है। प्रशासन ने जनपद के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सेना की टुकड़ियां उतारने के लिए गोरखा रेजीमेंट और पांच मराठा रेजीमेंट से समय रहते मदद का आश्वासन ले लिया है। डीएम की ओर से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को निरंतर दोनों रेजीमेंट के संपर्क में बने रहने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ के दौरान प्रतिदिन वस्तुस्थिति से दोनों रेजीमेंट को अवगत कराना होगा। स्थिति बिगड़ने पर सेना की यह टुकड़ियां संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर राहत कार्य का जिम्मा संभाल लेंगी। इसके अलावा आपातकाल के लिए 90 मोटरबोट अनुबंधित किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने चार घंटे के भीतर सभी मोटरबोट संबंधित क्षेत्र में पहुंच जाएगी। इसके जरिए आपदा प्रबंधन टीम बचाव कार्य सुनिश्चित करेगी। आपदा विशेषज्ञ रंजीत रंजन ने बताया कि बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए नागरिकों और पशुओं को मोटर बोट से सुरक्षित बाहर लाया जाएगा। इसके अलावा जनपद के हर्रैया और बस्ती सदर तहसील के बाढ़ संभावित इलाकाें के लगभग 100 कुशल नाविक और गोताखोरों को भी मदद के लिए चिह्नित किया गया है। प्रशासन की ओर से उन्हें किट भी मुहैया कराया जाएगा।
एडीएम ने जारी किया बाढ़ बचाव का पोस्टर
अपर जिलाधिकारी कमलेश चंद्र वाजपेयी ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में बाढ़ बचाव का पोस्टर जारी किया। उन्होंने आपदा विशेषज्ञ को निर्देशित किया कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों से आपदा से बचने के लिए आमजन को जागरूक किया जाए। आपदा प्रबंधन टीम बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर पशुधन, फसल एवं संभावित जनहानि को न्यून करने के तरीके सिखाएगी।