सांसदों और विधायकों की नाराजगी पर परिवहन निगम ने उठाया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सांसद व विधायक की इच्छाओं के अनुसार उनके क्षेत्रों में बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए परिवहन निगम मुख्यालय ने बस डिपो के एआरएम को हर दो महीने में एक बार जनप्रतिनिधियों से मिलकर चर्चा करने के निर्देश दिए हैं। इससे सांसद व विधायक अपने क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर मनमुताबिक बसों का संचालन कर आम जन को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवा सकेंगे।
सांसदों और विधायकों को शिकायत रहती थी कि बिना उनसे चर्चा किए परिवहन निगम के अधिकारी नए मार्गाें पर बसें चलवाते हैं। इससे न तो उनके क्षेत्रों की जनता को आवागमन की सुविधा मिल पाती है और न ही निगम को वांछित राजस्व मिल पाता है। इसे देखते हुए परिवहन निगम मुख्यालय ने सभी आरएम व एआरएम को 2019 में पत्र भेज कर संबंधित सांसदों व विधायकों से उनकी सलाह पर नई बसों की सेवाओं का संचालन करने को कहा था।
कुछ दिन तो ठीक रहा, लेकिन बाद में फिर पुराना रवैया ढर्रे पर आ गया। इस बारे में जनप्रतिनिधियों ने शासन स्तर पर दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में आवाज उठाई तो परिवहन निगम मुख्यालय के प्रधान प्रबंधक संचालन मनोज कुमार ने सभी एआरएम को पत्र भेजकर हर दो माह में कम से कम एक बार अपने क्षेत्र के सांसदों व विधायकों से मिलकर नवीन सेवाओं के संचालन संबंधी चर्चा कर निष्कर्ष निकालने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, एक प्रपत्र भी जारी किया है, जिसे पूरी तरह से भरकर प्रमाण सहित पूरा ब्यौरा ई-मेल करने के निर्देश दिए गए हैं।
-
जिले के पांच विधायकों और सांसद से होगी वार्ता
जिले में हर्रैया, महादेवा, सदर, कप्तानगंज व रुधौली के विधायक भी समय-समय पर अपने क्षेत्रों में बसों की नई सेवाओं के संचालन शुरू कराने के लिए सवाल उठाते रहते हैं। इन विधायकों में हर्रैया के विधायक सत्ता पक्ष के हैं तो बाकी समाजवादी पार्टी के हैं। सपा विधायकों को शिकायत रहती है कि उनके क्षेत्रों में उनकी अपेक्षाओं के अनुसार रोडवेज बसों का संचालन नहीं करवाया जा रहा है। इसके बारे में विधानसभा में प्रश्न भी उठाए जा चुके हैं। सांसद ने क्षेत्र के कई रूटों पर नवीन बस सेवाओं का संचालन शुरू करवाया है। इसका लाभ आम जन को सीधी तौर पर मिल रहा है।
...
कोट
सभी क्षेत्रीय विधायकों व सांसद से नियमित चर्चा कर नई बसों का संचालन शुरू करवाया जाता है। निगम मुख्यालय के निर्देशानुसार संपूर्ण ब्योरा भी भेजा जा रहा है।
- आयुष भटनागर, एआरएम