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Basti News: पोर्टल से डिलीट नहीं किए गए आवेदन...धड़ल्ले से चल रहे अस्पताल

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बस्ती। शहर से लेकर गांव तक अवैध अस्पतालों के फैले जाल को तोड़ने में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार ढिलाई बरत रहे हैं। यही वजह है कि अधिकतर अस्पतालों में अभी भी बाहरी डॉक्टरों का खेल जारी है।
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बिना मानक चल रहे अस्पतालों में मरीज की जांच कर मोटा रकम वसूल रहे हैं। यह खेल पोर्टल पर आवेदन के जरिये कर रहे हैं। चूंकि, अभी तक 135 आवेदन पर निर्णय नहीं लिया जा सका है।
सीएमओ की ओर से एक माह पहले 135 से अधिक निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर कमियों को दूर कर रजिस्ट्रेशन कराने का मौका दिया गया था। समय बीत गया, लेकिन अभी तक इस पर न तो पुन: आवेदन आए न ही पोर्टल से इन आवेदनों को हटाया गया। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई इस अंतिम नोटिस के बाद भी अस्पताल संचालकों के चेहरों पर तनिक भी सिकन नहीं है। वे आवेदन के आड़ में धड़ल्ले से अस्पताल चला रहे हैं। बताया गया कि विभागीय कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के बाद भी कई अस्पतालों पर सख्ती न होने से मामला और बढ़ गया है। बताया गया कि हाल ही में सीएमओ की ओर से जांच में आई टीम को भी मानक के अनुसार रजिस्टर्ड अस्पताल संचालित होते हुए नहीं मिले, इसके अलावा पूर्व में भी अस्पतालों की आड़ में चल रहे क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा मिला था। अवैध क्लीनिक व पैथालॉजी सेंटर संचालक पर केस भी दर्ज कराया गया था।
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बता दें कि इस वर्ष 325 आवेदन नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथालॉजी और एक्स-रे सेंटर के आए थे। लेकिन, 190 ही मानक पर मिले थे। उनका रजिस्ट्रेशन हुआ, लेकिन शेष पर निर्णय नहीं हुआ, चूंकि ये सभी मानक में फेल हो गए थे।
विभागीय मिलीभगत से हो रहा है कारनामा : सीएमओ कार्यालय से ऐसे भी कारनामा किया गया था, जांच में यह मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की खूब किरकिरी हुई थी। एक कथित डॉक्टर दूसरे डॉक्टर की फर्जी डिग्री लेकर पहुंचा था। मामला जब पकड़ में आया तो उसे कुछ देर के लिए कमरे में बंद कर लिया गया था। हालांकि, बाद में छोड़ दिया गया था। बावजूद इसके अभी तक ऐसे अस्पतालों पर ठोस निर्णय व कार्रवाई नहीं की गई है।
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