सांस रोगियों के लिए नुकसानदायक, मेडिकल कॉलेज में रोज आ रहे करीब 30 से 40 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मच्छरों से बचाव के लिए घर में जलने वाली अगरबत्ती और क्वायल सेहत पर विपरीत असर डाल रही है। केएमसी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रत्येक दिन करीब 30 से 40 मरीज खांसी की समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। आंखों में जलन के साथ खांसी भी हो रही है। कई लोगों को इसके धुएं से घबराहट जैसी समस्या भी हो रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शारिब सुहेल के अनुसार, ओपीडी में आने वाले मरीजों से पूछताछ में पता चला की घर में मच्छररोधी अगरबत्ती या क्वायल जलाते हैं। इससे उनकी आंखों में जलन की समस्या है। सात से आठ मरीज समस्या से पीड़ित मिले हैं। जरूरी दवा के साथ सुझाव दिए गए हैं।
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि अगर किसी को सांस संबंधी बीमारी है तो उनके लिए मच्छररोधी क्वायल बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकती है। दरअसल, , मच्छर भगाने वाली क्वायल के धुएं में एलेथ्रिन और पाइरेथ्रिन जैसे केमिकल्स होते हैं। इस धुएं के संपर्क में आने से आंख, नाक और गले में जलन हो सकती है। अगर कोई लंबे समय तक इन केमिकल्स के संपर्क में रहता है तो उसे खांसी, गले में घरघराहट और सांस से जुड़ी अन्य परेशानियां हो सकती हैं।
होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. वीके वर्मा कहते हैं कि घर के छोटे बच्चे, विशेषकर जो घुटने पर चलते हैं वे इसे खेलने की चीज समझकर मुंह में डाल लेते हैं। यह बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। मच्छररोधी क्वायल में इंसेक्टिसाइड का प्रयोग किया जाता है, जो पेट में चला जाए तो पेट दर्द, उल्टी और पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है। इसके अलावा, आसपास की हवा भी दूषित होती है, जो अलग तरह से व्यक्ति को बीमार कर सकती है।