आबादी की जमीन के विवाद में 10 फरवरी को हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गोसैसीपुर के राम मिलन हत्याकांड का एक और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गांव में तनाव भरी शांति कायम है। परिवार के लोग पैमाइश की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से इसमें टाल-मटोल किया जा रहा है।
हालांकि, परिवार के लोग पुलिस व प्रशासनिक कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। वह कहते हैं कि जिस जमीन को लेकर इतना बड़ा कांड हुआ, उसकी पैमाइश तक नहीं हो पाई है। परिवार के लोगों का कहना है कि घटना में शामिल आरोपियों पर एसडीएम सदर ने एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, गुंडा एक्ट व गैंगेस्टर की संस्तुति दी थी। यही नहीं पूरे गांव के बंजर की पैमाइश व घायलों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता की संस्तुति देते हुए इलाज का एस्टीमेट मांगा था। मगर, अब तक कुछ भी नहीं हो सका। उधर, एसओ भानु प्रताप सिंह ने बताया कि हत्याकांड के 12वें आरोपी गोसैसीपुर निवासी राम दास को बुधवार रात 11 बजे कनैलाखास गांव के पास से गिरफ्तार किया गया। इसमें अभी दो आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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यह थी घटना
गोसैसीपुर निवासी राम मिलन चौधरी का गांव के ही हरिशंकर उर्फ रावण आदि से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उस घर का प्लास्टर हो रहा था। 10 फरवरी को दोपहर मजदूरों के खाना खाने की छुट्टी होने पर राम मिलन, उनका बेटा विशाल और बहन माला घर पर मौजूद थीं। दोपहर करीब 1:30 बजे गांव के ही 20-22 लोग कुल्हाड़ी, लाठी-डंडा, फरसा आदि लेकर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि उन लोगों ने विशाल को दौड़ा लिया। फरसे से वार करके उसके पैर का हिस्सा कट गया। शोर सुनकर विशाल के पिता राम मिलन और बुआ माला दौड़कर पहुंचे। हमलावरों ने उन दोनों पर भी वार कर दिया। 56 वर्षीय राम मिलन और विशाल के पैर, पेट, कंधे व शरीर के अन्य हिस्से पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। तीनों घायलों को सीएचसी कुदरहा ले जाया गया, जहां राम मिलन को मृत घोषित कर दिया गया। विशाल और उसकी बुआ को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। विशाल को रेफर करके मेडिकल कालेज लखनऊ भेजा गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।