पुलिस कर्मियों के समान वेतन, भत्ता व अन्य सुविधाओं की मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में चल रहे इस धरने में भारी तादाद में होमगार्ड शामिल रहे, जिससे कई जगह कामकाज प्रभावित होने लगा है। उधर संगठन के नेताओं का कहना है कि बिना बराबरी का हक लिए आंदोलन नहीं वापस नहीं लेंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश यादव ने संबोधन में कहा कि मांगो को यदि प्रदेश सरकार विचार करती तो धरना प्रदर्शन की नौबत नहीं आती। तर्क दिया कि होमगार्ड जब शस्त्र प्रशिक्षण के साथ ही पुलिस के समान कार्य करते हैं, तो उन्हें सुविधाएं भी उन्हीं के बराबर मिलनी चाहिए। उदाहरण दिया कि राजस्थान, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद होमगार्डों को पुलिस कर्मियों के समान वेतन, भत्ता देना स्वीकार कर लिया किंतु प्रदेश सरकार न्यायालय के आदेश का भी सम्मान नहीं कर रही है। उदय नरायन तिवारी ने कहा कि सपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में होमगार्डों को पुलिस के समान अवसर देने की बात कहा था, लेकिन सरकार बनने के बाद उसे भुला दिया।
धरने को मंडल अध्यक्ष प्रमोद सिंह, जिलाध्यक्ष धर्मात्मा शुक्ल, राजमणि आदि ने संबोधित करते हुए आंदोलन कामयाबी का दावा किया। कहा कि प्रदेश सरकार को होमगार्डों की मांगो के संबंध में त्वरित निर्णय लेना चाहिए। धरने में राजमणि यादव, राजेश कुमार मिश्र, दूधनाथ यादव, अजय कुमार पाण्डेय, रूपेश कुमार, नन्द कुमार, विनोद कुमार, कृष्णकमल, प्रवेश कुमार, सन्तराम मौर्य, शशिभान सिंह, श्याम नरायन यादव, उमा भारती मीरा देवी, मीरा चौधरी, मीरा गुप्ता, अमन श्रीवास्तव, फूलचंद्र मिश्र, जगदेव लाल, संतोष कुमार दूबे, राम सुरेश पाल, विजय कुमार यादव, विनय यादव, भैरोनाथ , अमित यादव आदि मौजूद रहे।