बस्ती। शहर से सटे महरीपुर गांव में सप्ताह भीतर एक एक कर 15 दुधारू पशुओं
की मौत की खबर के बाद महकमें की नींद टूटी और आनन फानन में पशुपालन विभाग
की टीम प्रभावित गांव में पहुंच गई। टीम ने डोर टू डोर पहुंचकर पशुपालकों
से बात की। उनके बीमार पशुओं को देखा और उपचार किया। बीमारी से संबंधित
दवाएं भी दी।
महरीपुर गांव में सप्ताह भीतर मारकंडेय सिंह, कन्हैया
बक्श सिंह, वीरेंद्र सिंह, रामजीत यादव, रामनिहोर यादव, धनेश्वर सिंह,
राधेश्याम यादव आदि के 15 पशुओं की मौत किसी बीमारी से हो गई। गांव में कई
लोगों के मवेशी अभी भी बीमार है।
यह खबर अमर उजाला में बुधवार को
तीन नंबर पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित हुई तो विभाग नींद से जागा। स्वयं
एडी पशुपालन डा0 जीसी द्विवदी टीम के साथ बुधवार को गांव में पहुंच गए।
उनके निर्देशन में पशुपालन टीम ने डोर टू डोर पहुंचकर पशुपालकों से बात की।
उनके बीमार पशुओं को देखा और उपचार किया। बीमारी से संबंधित दवाएं भी दी।
अपर
निदेशक पशुपालन डा0 जीसी द्विवेदी ने बताया कि पशुओं की मौत खुरपका और
मुंहपका बीमारी से हुई है। अभी भी गांव में इस बीमारी से मवेशी ग्रसित हैं।
यह वाइरल इन्फेक्शन की बीमारी है। इसके पहले भी 27 दिसंबर को उन्होने गांव
में टीम भेजी थी। बुधवार को बीमार पशुओं का परीक्षण कर पशुपालकों को
संबंधित दवांए दी गई और बीमारी से बचाव के तरीके भी बताए गए।