आंगनबाड़ी कर्मियों, सहायिकाओं का आंदोलन 25 वें दिन भी जारी रहा। संगठन के कथित नेताओं के मुख्यमंत्री से मनमाना समझौते पर नाराजगी जताई। इसे आंदोलन को कमजोर करने का षड़यंत्र बताया। सांसद हरीश द्विवेदी को जिगिना के पास श्यामा प्रसाद मुखर्जी विद्यालय में घेर लिया और हक मांगते हुए ज्ञापन दिया। सांसद ने लोकसभा में मांग उठाने का आश्वासन दिया। नेतृत्व अध्यक्ष शैल कुमारी कर रहीं थीं। कार्यकर्याओं में पुष्पा सिंह, आशा देवी,
मिथलेश पाण्डेय, उर्मिला, ऊषा गौतम, सावित्री पाण्डेय, सरोज श्रीवास्तव, शोभा देवी आदि शामिल रही।
संघ की जिलाध्यक्ष रतनबाला श्रीवास्तव ने कहा कि 2 अक्टूबर से आंचल फैलाओ, अधिकार मांगों आंदोलन चलेगा। साऊघाट प्रतिनिधि के मुताबिक सीडीपीओ कार्यालय पर ब्लॉक अध्यक्ष उर्मिला त्रिपाठी एवं मंत्री संन्तोषी शुक्ला ने कहा कि दो अक्टूबर से आंदोलन के स्वरूप में बदलाव होगा। इस दौरान उमा, रमा, आशा, राधा, मीरा, ऊषा, हेमलता, रीता, इन्दु, मन्जू सुमन सिंह, अनीता, प्रभावती, चन्द्रावती, गीता, पूनम, शशिकला, गुड़िया समेक रई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
भानपुर में ब्लॉक अध्यक्ष सुनीता सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से बढ़ाया गया आठ सौ रुपये मानदेय मात्र छलावा है। पूर्ण रूप सें मांगें नहीं मानी जातीं तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। आंदोलन में पहुंचे कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक परमात्मा सिंह को मांग पत्रों का ज्ञापन भी दिया। त्रिवेनी शंकर उपाध्याय, इस्तिखार अहमद, आफताब आलम,खदेरू प्रसाद के साथ आंगनवाडी विमलादेवी, गीता जायसवाल, चन्द्रावती पाल, नीता वर्मा, अन्जू मोर्या, दुर्गेश नन्दिनी, सतोष देवी, उर्मिला देवी, सत्यभामा आदि रहीं।
सल्टौआ में ब्लॉक अध्यक्ष सरोज शुक्ला ने कहा कि मांगों के लिए शासन प्रशासन के खिलाफ लड़ाई और तेज की जाएगी। इस दौरान शकुंतला, फूलपरी, पूनम पाण्डेय, मिथलेश, मंजू त्रिपाठी, रंजू त्रिपाठी, कुसुम मिश्रा, समुन्र्दा देवी, पूर्णिमा, सरोज, गुड़िया, शशिकला, अर्चना, सुशीला, सरिता, ममता, गंगोत्री, गीता, बिजय लक्ष्मी, पार्वती, ज्ञान मती कुंदकली आदि लोग रहीं।