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Basti News: जमीन और ट्रैक्टर बेचकर लापता हुआ अंगद, परिवार को हुई बाद में जानकारी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। जामवंत कांड से पहले राहस्यमय हाल में लापता उसके दोस्त अंगद के भी तमाम नए किस्से सामने आ रहे हैं। लापता होने से पहले अंगद ने घर वालों के चोरी अपने हिस्से की नौ बिस्वा जमीन एक महिला के नाम रजिस्ट्री कर दिया था।
इसके एवज में उसके खाते में 4 लाख 45 हजार रुपये का भुगतान भी किया गया है, जिसे बाद में अंगद ने निकाल लिया था। इसके अलावा उसने अपना ट्रैक्टर भी बेचा और बैंक से केसीसी भी लिया। इन तथ्यों की जानकारी परिवार के लोगों को अंगद के लापता होने के बाद चल सकी।
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19 अगस्त 2024 को रुधौली थाना क्षेत्र के मुनियांग गांव के रहने वाले अंगद का घर से लापता होना भी संदिग्ध बना हुआ है। अंगद-जामवंत का दोस्त बताया जा रहा है। ग्रामीणों की चर्चा के अनुसार, लापता होने से पहले अंगद का उठना-बैठना जामवंत के साथ अक्सर हुआ करता था।
ग्रामीण दबी जुबान अंगद का एक महिला से भी संबंध होने की बात स्वीकार कर रहे हैं। इसमें जामवंत की भूमिका पर लोग संदेह जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि अंगद परिवार के प्रति काफी वफादार था। पिता के न रहने की स्थिति उसकी पैतृक संपत्ति उसके और मां के नाम है।
ग्रामीणों की बात पर यकीन करें तो जामवंत और किसी अज्ञात महिला के संपर्क में रहते हुए ही अंगद ने अपनी नौ बिस्वा जमीन लापता होने से एक माह पहले बेच डाली थी। इसकी जानकारी घर वालों को नहीं थी।
इसके अलावा अंगद ने अपने ट्रैक्टर को बेच दिया था। बैंक से केसीसी भी निकाला था। अंगद का यह रुपये कहां खर्च हुआ परिवार को कुछ भी नहीं पता है। पत्नी रेखा के अनुसार 19 अगस्त को जब अंगद घर से लापता हुए तो उसके कुछ दिन बाद लेखपाल से जमीन बेचने की जानकारी हुई।
अंगद की पत्नी और मां पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण इस मामले की छानबीन काफी दिन तक नहीं कर पाईं। इस बीच जमीन खरीदने वाले ने रुधौली तहसील से खारिज दाखिल भी करा ली। अंगद की बेटी कक्षा 11 की छात्रा रागिनी अपनी मां के साथ रजिस्ट्री की नकल निकालकर न्याय के लिए भटक रही है। पत्नी-बेटी का कहना है कि घर वालों के चोरी अंगद से जमीन किन परिस्थितियों में बैनामा कराया गया कुछ समझ में नहीं आ रहा है। बैनामे की जानकारी उनके लापता होने के बाद मिल सकी। पत्नी और बेटी का कहना है कि जब तक अंगद सही-सलामत नहीं लौटेंगे तब तक वह जमीन अपने कब्जे से नहीं छोड़ने वाली है। क्योंकि इस बैनामे के पीछे गहरी साजिश लग रही है। उक्त जमीन जामवंत के गांव धौरहरा में ही है।
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बताया कि रजिस्ट्री की नकल में जमीन का मूल्य 4 लाख 45 हजार रुपये दर्शाया गया है। जबकि मौखिक रूप से 8 लाख रुपये कीमत दिए जाने की बात कही जा रही है। पत्नी रेखा ने कहा कि पैतृक संपत्ति में अंगद की मां भी हिस्सेदार है। ऐसे में अकेले अंगद से बैनामा कराना गलत है।
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