दुबौलिया क्षेत्र के साड़पुर गांव में बृहस्पतिवार की रात हुई वारदात
तीन टीमों को खुलासे के लिए लगाई गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। सांडपुर गांव के बाहर बंटाई के खेत में धान की नर्सरी की रखवाली करने गए वृद्ध किसान की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घटना की सूचना पर पहुंची दुबौलिया पुलिस जांच में जुटी है। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि तीन टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया है।
सांडपुर गांव के 60 वर्षीय बिहारी गांव के ही श्याम सुंदर सिंह से बंटाई पर लिए खेत में धान की नर्सरी की रखवाली करने हस्पतिवार की रात करीब नौ बजे घर से खाना खाकर गए थे। सुबह बड़े भाई करीब सात बजे चाय ले कर आए। कई बार आवाज देने पर जब वह नहीं उठे तो चादर उठाकर देखा तो बिस्तर पर काफी मात्रा में खून पड़ा था। कनपटी पर किसी धारदार हथियार से हमले के निशान थे।
बिहारी बंटाई वाले खेत में ही झोपड़ी में रात को रहते थे। झोपड़ी से दस मीटर दूर गन्ने के खेत में हत्या कर शव को झोपड़ी में लाकर चारपाई पर लिटाया गया था। चारपाई पर लिटाने के बाद शव को चद्दर से ढक दिया गया था। घटना की सूचना पर फॉरेंसिक टीम, अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह व पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी ने जायजा लिया।
शुक्रवार की सुबह जैसे ही परिजनों का खबर मिली की बिहारी की खेत में हत्या हो गई है तो वे लोग खेत की तरफ भागे। बिहारी के चार बच्चे हैं। इनमें दो लड़की मीरा 40 वर्ष, पुष्पा 30 वर्ष, राहुल 26 वर्ष, राजकुमार 24 वर्ष दहाड़े मार कर रोने लगे। बिहारी तीन भाई थे। सबसे बड़े केशव प्रसाद अलग रहते हैं। बिहारी दूसरे नंबर के बड़े भाई झिनकान के साथ में संयुक्त परिवार में रहते थे। झिनकान के कोई संतान नहीं है। सभी मिल कर खेती-किसानी कर परिवार चलाते थे। गांव वालों का कहना है कि बिहारी सभी के साथ मिलजुल कर रहता था।