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भैंस चराने नदी पार जा रहे बुजुर्ग की डूबने से मौत-

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भंगुरा गाँव में लड़के की माँ व भाई से पूँछतांछ करते थानाध्यक्ष व सीओ कलवारी अनिल सिंह - फोटो : BASTI
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भैंस चराने नदी पार जा रहे बुजुर्ग की डूबने से मौत
पिपरपाती मुस्तहकम के रहने वाले थे पृथ्वीपाल यादव
अमर उजाला ब्यूरो
कुदरहा। लालगंज थाना क्षेत्र के पिपरपाती मुस्तहकम गांव निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग शनिवार को सरयू नदी पार करते समय धारा में डूब गए। जब तक बाहर निकाला जाता, उनकी मौत हो गई। वह भैंस चराने नदी पार जा रहे थे। घटना की जानकारी के बाद वहां पुलिस व प्रशासनिक टीम पहुंच गई।
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शनिवार दोपहर हर रोज की तरह पृथ्वीपाल यादव व कन्हैया भैंस को लेकर सरयू नदी पार चराने जा रहे थे। दोपहर दो बजे दोनों बुजुर्ग भैंस का सहारा लेकर सरयू की धारा में उतर गए। बीच धारा में पहुंचते ही पृथ्वी पाल का संतुलन बिगड़ गया और वे तेज बहाव में डूबने लगे। अपने को असुरक्षित देखकर पृथ्वीपाल गुहार लगाने लगे। उनके आगे तैर रहे कन्हैया जब तक कुछ समझते तब तक तेज धारा में लापता हो गए। गांव में यह सूचना पहुंचते ही पिपरपाती एहतमाली, चकिया, बैसिया, परसांव सहित आसपास गांव के ग्रामीण नदी तट पर एकत्रित हो गए। वे पानी में पृथ्वीपाल की तलाश में उतरे। घटना की सूचना पर मौके पर तहसीलदार सदर पवन जायसवाल, थाना प्रभारी लालगंज विकास यादव, कुदरहा चौकी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जाल डलवाया। करीब चार घंटे बाद उनकी लाश बरामद हुई। मौत की जानकारी होते ही घर में कोहराम मच गया। गांववालों के मुताबिक पृथ्वीपाल तैरना जानते थे। हर दिन भैंस को लेकर सरयू नदी उस पार चराने भी नदी तैर कर जाते थे। लेकिन शनिवार को धारा में संतुलन खो बैठे और लापता हो गए। पृथ्वीपाल यादव के तीन बेटे उपेंद्र (32), राज बहादुर (26) और वीर बहादुर (18) हैं। दो बेटियों में बड़ी की शादी कर चुके थे जबकि छोटी प्रमिला की शादी अभी नहीं हुई है। पत्नी निर्मला समेत सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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