पैकोलिया। थाना क्षेत्र के औरातोंदा गांव स्थित अपने घर पर सुसाइड नोट छोड़कर लापता हुए जिला पंचायत सदस्य जवाहर लाल और उसके बेटे दिवाकर विक्रम पर पुलिस ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। पिता-पुत्र सीएसपी का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने मंगलवार की शाम पीड़ित ग्राहकों को थाने बुलाया। तहरीर लेकर लापता पिता-पुत्र पर धोखाधड़ी एवं गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कई पीड़ित खाताधारक शाम 5:30 बजे थाने पर पहुंचे और पुलिस को शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने पिता-पुत्र दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। 15 अप्रैल से ही जिला पंचायत सदस्य और उसका बेटा घर से बाइक लेकर लापता है। घर पर छोड़े गए सुसाइड नोट में जिला पंचायत सदस्य ने मरने की बात लिखी है। इससे खाता धारकों की बेचैनी बढ़ी हुई है। एसबीआई की शाखा केशवपुर के प्रबंधक सहित पैकोलिया पुलिस भी इस मामले को लेकर उलझन में है।
मुइली निवासी शत्रुघ्न निषाद के साथ सुभाष, सुनीता देवी, रमेश,औरातोंदा निवासी साबिरा खातून, महादेवा गांव के हरिप्रसाद, आमभारी निवासी लालमुना, हड़ही गांव की सावित्री देवी, मुसही गांव निवासिनी सुगना, समेत कई ग्राहकों ने लापता पिता-पुत्र के खिलाफ तहरीर दी है। ग्राहकों ने बताया कि उन्हें फर्जी रसीद देकर लाखों रुपये की हेराफेरी की गई है। इस मामले में दोनों के लापता होने के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में पहले से दर्ज है।
सुसाइड नोट पुलिस ने अपने पास रखा है। उधर पुलिस दोनों का पता लगाने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस को अभी कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। औरातोंदा गांव में जाकर परिजनों से दोनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रभारी निरीक्षक पैकोलिया अजय कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित लोगों के तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रथम दृष्टया रुपये के हेरफेर किए जाने का मामला सही पाया गया है। दोनों की तलाश के लिए सर्विलांस, एसओजी एवं थाने की टीम लगी हुई है।
12 लाख गबन की हो चुकी पुष्टि
एसबीआई शाखा केशवपुर से संबद्ध सीएसपी मुलायमगंज के संचालक जवाहरलाल और उसके बेटे दिवाकर विक्रम द्वारा ग्राहकों के 12 लाख रुपये हड़पने की पुष्टि हो चुकी है। बैंक अधिकारी अभी मामले की जांच कर रहे हैं। सीएसपी बंद होने के कारण अभी अभिलेखों का मिलान नहीं किया जा सका है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि ग्राहकों के शिकायत के आधार पर अभी जांच हुई हैं। गबन की रकम अभी और बढ़ सकती है।
कोट
सीएसपी ग्राहकों की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अन्य लोग भी यदि जालसाजी के शिकार हुए हैं तो उन्हें भी विवेचना में शामिल कर लिया जाएगा। लापता आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। बहुत जल्द सफलता मिल सकती है।
-स्वर्णिमा सिंह, सीओ हर्रैया।