संपत्तियों को कुर्क करने का मामला पुलिस के लिए गले की हड्डी बनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। व्यवसायी पुत्र के अपहरण केस में फरार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क करने का मामला पुलिस के लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है। बुधवार को फिर केस की सुनवाई होगी। इसमें पुलिस को अमरमणि की संपत्ति का ब्योरा बताने के साथ ही उनकी कुर्की कुलिंदा पेश करना है। त्योहारों और पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी में उलझी पुलिस शायद ही कार्रवाई से न्यायालय को संतुष्ट कर पाए। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि एक बार फिर पुलिस न्यायालय से कार्रवाई के लिए मोहलत मांग सकती है।
विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि को कोतवाली पुलिस की तरफ से पिछली सुनवाई के दौरान पांच अगस्त को रिपोर्ट दी गई थी कि गैंगस्टर अधिनियम व अपहरण आदि धाराओं में नामजद अमरमणि त्रिपाठी की लखनऊ के विपुल खंड एवं गोमतीनगर में दो संपत्तियाें के बारे में उप जिलाधिकारी गोमतीनगर से 24 जून और 18 जुलाई को को पत्राचार किया गया था। इसका अभी प्रति उत्तर नहीं मिला है।
इसी तरह, गोरखपुर विकास प्राधिकरण से भी संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। प्राधिकरण के सचिव ने पांच जुलाई को अपने पत्र के माध्यम से बताया कि उनके द्वारा भवन मानचित्र प्राप्त करने के लिए पत्राचार किया गया था। उसका भी जवाब अभी नहीं आया है। ऐसे में दोनों जानकारी उपलब्ध होने पर शीघ्र ही उस संपत्ति की कुर्की कर ली जाएगी। पुलिस की इस रिपोर्ट को संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने 21 अगस्त तक कुर्की कुलिंदा प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।