बस्ती। व्यापारी के बेटे के अपहरण के मामले में 22 वर्ष से फरार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली। पुलिस ने बुधवार को केस की सुनवाई के दौरान अदालत में अमरमणि की संपत्तियों की सूची प्रस्तुत की। साथ ही कुर्की के लिए कुछ और वक्त मांगा। न्यायालय ने पुलिस को 10 दिन की मोहलत दी है। केस की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
कुर्की की कार्रवाई रोकने के लिए हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई की दलील देते हुए अमरमणि त्रिपाठी की तरफ से अदालत में प्रार्थनापत्र दिया गया। न्यायालय ने यह कहते हुए प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया कि हाईकोर्ट ने इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया है।
छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल के अपहरण केस में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में कोतवाल चंदन कुमार की तरफ से रिपोर्ट पेश की गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि अपहरण, साजिश, बंधक बनाने, गैंगस्टर आदि धाराओं में वांछित अमरमणि त्रिपाठी निवासी 19 ए हुमायुंपुर दक्षिण थाना कोतवाली जनपद गोरखपुर के खिलाफ चल रही कुर्की की कार्रवाई के क्रम में समस्त चल/अचल संपत्ति का ब्योरा एकत्रित किया गया है। कुर्की के लिए डीएम बस्ती से पत्राचार किया गया है। शीघ्र ही जिला प्रशासन के समन्वय से उन संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त समय प्रदान किया जाए। न्यायालय ने एक अवसर प्रदान करते हुए 20 जनवरी को सुनवाई के लिए तारीख तय की। इस बीच कुर्की की कार्रवाई पूरी करनी होगी।
कुर्की रोकने की अपील खारिज
अमरमणि त्रिपाठी की तरफ से अधिवक्ता के जरिए कुर्की की कार्रवाई रोकने की अपील की गई। कहा गया उच्च न्यायालय इलाहाबाद में न्यायालय के एक नवंबर के आदेश के प्रकरण में अपील दाखिल की गई है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद में आठ व नौ जनवरी को सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 16 जनवरी को होनी है, जिसका स्टेटस प्रार्थनापत्र के साथ संलग्न है। हम प्रार्थी कहीं फरार नहीं हैं। न ही अपने आपको कहीं छिपा रखा है। न्यायहित में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में चल रहे प्रार्थनापत्र के निस्तारण तक हमारे खिलाफ की जा रही कार्रवाई रोकी जाए। इस प्रार्थनापत्र को न्यायालय ने खारिज कर दिया।
गोरखपुर में नहीं है अमरमणि की संपत्ति
पुलिस की तरफ से दी गई रिपोर्ट के अनुसार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की गोरखपुर में कोई चल या अचल संपत्ति नहीं है। महराजगंज जिले के नौतनवां में एक अचल संपत्ति मकान नंबर 81-बी अमरमणि त्रिपाठी के नाम पर दर्ज है। वहां कोई चल संपत्ति का होना नहीं पाया गया। लखनऊ में गोमतीनगर विस्तार विक्रांत खंड में भूखंड संख्या ए-3-297 के रूप में 450 वर्गमीटर का करीब 01.18 करोड़ रुपये की जमीन अमरमणि के नाम पर पाई गई है। वहां भी कोई अचल संपत्ति नहीं पाई गई।
यह है मामला
छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में अमरमणि समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह अमरमणि का था। अमरमणि के खिलाफ 24 अक्तूबर 2011 से गैर जमानती वारंट जारी है। तीन नवंबर 2023 को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बस्ती कोतवाली पुलिस को सीआरपीसी-82 की कार्रवाई करने का आदेश दिया था। मामले में अंतिम सुनवाई आठ दिसंबर को की गई थी। कोतवाली पुलिस को कुर्की करके 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख तय की गई थी। 20 दिसंबर को सुनवाई नहीं हो सकी और 10 जनवरी की तारीख मुकर्रर की गई थी।