प्रस्तावक के साथ पैदल कलक्ट्रेट पहुंचे पूर्व मंत्री, तीन सेट में डीएम को सौंपा नामांकन पत्र
प्रशासन एवं पुलिस अधिकारी दिन भर दिखे मुस्तैद, अनाधिकृति लोगों को नहीं मिला प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बस्ती संसदीय सीट से प्रमुख दलों के उम्मीदवार चुनावी पिच पर लगभग उतर चुके हैं। नामांकन प्रक्रिया के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। सुबह 11 बजे के करीब पूर्व मंत्री अपने प्रस्तावक और समर्थकों के साथ सादगी पूर्ण ढंग से शास्त्री चौक पहुंचे। यहां से पैदल चलकर कलक्ट्रेट स्थित नामांकन कक्ष में दाखिल हुए। उन्होंने तीन सेटों में नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर/डीएम अंद्रा वामसी को सौंपा। इस दौरान कलक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही।
शुरुआत के दो दिनों तक 29 और 30 अप्रैल को नामांकन पत्र किसी ने दाखिल नहीं किया। इस अवधि में सिर्फ दलीय एवं निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से नामांकन पत्र प्राप्त किए गए। एक मई से नामांकन करने का सिलसिला जारी है। एक दिन पहले भाजपा और बसपा प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके ठीक अगले दिन सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी व पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी ने अपना पर्चा भरा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह गांधीनगर मार्ग स्थित अपने आवास से गाड़ी से निकले और शास्त्री चौक पहुंचे। यहां से प्रस्तावक और समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट तक पैदल गए। फिर तीन सेटों में अपवा नाम निर्देशन पत्र आरओ को सौंपा।
इसकी रिसीविंग प्राप्त करने के बाद वह बाहर निकले और गनेशपुर के निकट आयोजित जनसभा में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो गए। उनके साथ हरिओम श्रीवास्तव, नायब पटेल एवं दो अन्य समर्थक मौजूद रहे। नामांकन के बाद पत्रकारों से मुखातिब पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें अपनी पहचान बताने की जरूरत नहीं है। जिले के किसानों, नौजवानों, मजदूरों की लड़ाई लड़ते-लड़ते उनका लंबा राजनैतिक जीवन गुजरा है। हालांकि आरओ, एआरओ समेत नामांकन प्रक्रिया में जुटा अमला प्रत्याशियों के इंतजार में निर्धारित समय 11 से 3 बजे तक नामांकन कक्ष मौजूद रहा। अभी तक भाजपा, बसपा और सपा- कांग्रेस गठबंधन की ओर से तीन दलीय प्रत्याशियों का नामांकन पत्र दाखिल हो चुका है।
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भारी संख्या में पुलिस बल रही मौजूद
कलक्ट्रेट गेट से लेकर शास्त्री चौक और बीडीए गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। आला अधिकारी दौड़भाग करते नजर आए। कलक्ट्रेट परिसर की चारों तरफ से घेराबंदी की गई थी। वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से राेक रही। कलक्ट्रेट के भीतर केवल प्रत्याशी और उनके समर्थकाें को प्रवेश दिया गया। नामांकन के चौथे दिन भी शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
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करोड़पति हैं रामप्रसाद, पत्नी लखपति
पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी अन्य दलीय प्रत्याशियों की तुलना में सबसे धनी है। उनके पास पैतृक गांव जिगिना (संतकबीरनगर) से लेकर बस्ती और लखनऊ तक अनुमानित मूल्य 6.89 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। इसमें 11 एकड़ कृषि भूमि, लखनऊ के गोमतीनगर के खड़गापुर में 743.48 वर्ग मीटर गैर कृषि भूमि, इंदिरानगर में 446.74 वर्ग मीटर में मकान, पैतृक गांव जिगिना में मकान, कप्तानगंज के जसईपुर नवाई और चिलमा बाजार में मकान शामिल है।
साढ़े चार लाख रुपये उनके पास नकदी बताए गए हैं। उनके एक एसबीआई खाते में 88 लाख 80 हजार 388 रुपये तथा कुछ अन्य खातों में 50 हजार या उससे कम की धनराशि जमा बताई गई। राम प्रसाद जिला सहकारी बैंक शाखा मुंडेरवा के भी खाताधारक है। यहां 50706 रुपये जमा हैं। वह चौधरी फ्लोर मिल के शेयरधारक भी है। उनके पास 40 ग्राम वजन में सोने की दो अंगूठी, एक चेन के अलावा एक रिवाल्वर और एक राइफल भी है। उनकी निजी चल संपत्तियों की कीमत एक करोड़ से अधिक आंकी गई है। जबकि पत्नी कपुरा चौधारी लखपति हैं। उनके पास अनुमानित मूल्य 66 लाख 98 हजार 593 रुपये की चल संपत्ति है। इसमें 336 ग्राम वजन के सोने के आभूषण, और 730 ग्राम वजन में चॉदी के आभूषण है। जबकि नकद एक लाख और शेष बैंक खातों में जमा बताया गया है।
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न्यायालयों में लंबित हैं तीन केस
पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी पर दर्ज तीन केस न्यायालयों में लंबित है। कप्तानगंज थाने में वर्ष 2014 में अपराध संख्या 46 धारा- 147, 148, 149, 353, 188, 504, 506 आईपीसी, कोतवाली में वर्ष 2020 में अपराध संख्या 601 तथा इसी वर्ष अपराध संख्या 592 के तहत धारा- 143 आईपीसी 51-बी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का केस दर्ज है। यह सभी मामले एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट/सीजेएम कोर्ट में विचाराधीन है। 2014 का मामला चुनाव से संबंधित तथा दूसरा एवं तीसरा मामला कोरोना काल से जुड़ा बताया गया है।