बस्ती। झांसी के मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड के बाद सभी सरकारी चिकित्सालय अलर्ट मोड में हैं। सभी अस्पतालों में चिल्ड्रन वार्ड की निगरानी बढ़ा दी गई है।
कर्मचारी, डॉक्टर लेकर सुरक्षा गार्ड तक को आगजनी जैसी घटनाओं के समय बचाव कार्य के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा वार्डों के भीतर विद्युत वायरिंग, अग्निशमन यंत्रों की जांच भी शुरू कर दी है। यदि किसी में खराबी मिल रही है तो उसे तत्काल बदल दिया जा रहा है।
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शासन से नया फरमान आया है कि सभी अस्पतालों में अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी की ऑडिट कराई जाए। इसके अलावा विद्युत सुरक्षा के इंतजाम के भी जांच के निर्देश मिले हैं। इसके मद्देनजर सरकारी चिकित्सालयों में काफी कुछ बदलने लगा है। वार्डों में जहां कहीं विद्युत वायरिंग के तार खुले हुए हैं या स्विच बोर्ड टूट गए हैं, उन्हें बदलने की कवायद शुरू हो गई है।
ऑक्सीजन पाइप लाइन को चेक करके फाल्ट दुरुस्त किए जा रहे हैं। इसके अलावा फायर सेफ्टी उपकरणों की क्रियाशीलता चेक की जा रही है। खराब मिलने पर उसे बदलने के फरमान जारी किए जा रहे हैं।