विक्रमजोत, बस्ती। ब्लॉक क्षेत्र में 20 जुलाई की रात सरयू नहर जमौलिया के पास नहर कट गई। इसके चलते करीब आधा दर्जन गांवों तक पानी पहुंच गया। हालांकि 21 जुलाई की शाम ही तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंच कर नहर के कटे हिस्से को ठीक कर दिया। किसानों की मानें तो गर्मी में नहर में पानी आया बावजूद इसके खेतों को पानी नहीं मिल रहा था। कारण यह कि नहर से पानी लेने के लिए बनाए गए रास्ते खेतों से दूर थे। ऐसे में मजबूरन किसानों से फसल बचाने के लिए नहर को काटा था।
किसानों की सिंचाई की समस्या व जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते आए दिन सरयू नहर कटने का सिलसिला जारी है। इसके परिणामस्वरूप किसानों व आम जनमानस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि सरयू नहर करीब आठ से नौ महीने पानी न होने से सूखी रहती है, जिसके चलते जानवर व चूहे आदि नहर को खोखला कर देते हैं। इसके चलते बारिश के दिनों में नहरों की मरम्मत व सफाई न होने से नहरों में रिसाव होने से नहर पानी का दबाव आते ही कट जाती है।
वहीं कुछ किसानों का कहना है कि सूखे मौसम में धान की सूखती फसल को बचाने व धान रोपाई की आवश्यकता की पूर्ति के लिए नहर से पानी लेने के लिए नहर काट दी जाती है और पानी का दबाव बढ़ते ही उसको सम्हाल पाना मुश्किल हो जाता है। किसानों का कहना है कि नहर व सिंचाई विभाग की ओर से नहर से पानी निकालने के लिए जो संसाधन बनाए गए हैं, वह न तो सही स्थान पर हैं और न समुचित नालियों व माइनर की व्यवस्था की गई है, जिसके चलते सिंचाई में समस्या होती है।
नहर कटने का चाहे जो भी कारण हो, मगर जानकारी के बाद तकनीकी टीम मौके पर भेज कर ठीक करा दिया गया है। अब वहां स्थिति सामान्य है।
-गुलाब चंद्र, एसडीएम, हर्रैया