बस्ती। तीन दिन बाद सोमवार को सहकारी समितियों का ताला खुला तो यूरिया खाद के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही लंबी लाइन लग गई। दस बजे से खाद वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो सर्वर ने खूब झेलाया। अधिक भीड़ और गहमागहमी के बीच कुछ जगहों पर यूरिया बांटी गई तो कुछ समितियों से किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। परशुरामपुर क्षेत्र की सहकारी समिति हरिगांव में पीओएस मशीन ही नहीं चलने से यूरिया का वितरण नहीं हो सका।
वर्तमान में यूरिया वितरण का पूरा दारोमदार सहकारी समितियों पर है। शासन ने निजी क्षेत्र का आवंटन कम करके समितियों का आवंटन बढ़ा दिया है। तीन दिन पहले एनएफएल से आई 2645 एमटी यूरिया की नई खेप में से लगभग 75 प्रतिशत यानी 1944 एमटी खाद समितियों को आवंटित की गई है। जबकि 17676 एमटी खाद की उपलब्धता पहले से ही है। निजी क्षेत्र की दुकानों पर केवल 701 एमटी यूरिया का आवंटन किया जा रहा है। दुकानों पर खाद की कमी होने की वजह से समितियों पर भीड़ जुट रही है। वहीं इस बार लक्ष्य से अधिक खाद का वितरण समय से पहले हो गया है। बावजूद इसके किसान यूरिया के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। तीन दिन अवकाश के बाद सोमवार को जिले के 116 समितियों में से केवल 35 समितियों पर यूरिया का वितरण शुरू किया गया। कई समितियों में यूरिया का वितरण प्रभावित रहा। कुछ जगहों पर लंबी लाइन की वजह से कुछ देर बाद खाद की उपलब्धता शून्य बताकर लोगों को वापस कर दिया गया।
डीएओ ने लिया वितरण का जायजा
जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य ने समितियों का निरीक्षण कर वितरण का जायजा लिया। भानपुर क्षेत्र के साधन सहकारी समिति कोठिला में किसानों की लंबी लाइन देखी गई। वहीं सहकारी पचानू में भी भीड़ जुटी रही। डीएओ ने समिति सचिवों को निर्देशित किया कि किसानों को मानक के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराया जाए। ध्यान दिया जाए एक ही किसान को बार- बार खाद न दिया जाए। वहीं विभागीय रिपोर्ट के अनुसार परशुरामपुर के सहकारी समिति हरिगांव की पीओएस मशीन बंद होने से यूरिया का वितरण ही नहीं हो सका।
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बी-पैक्स कलवारी समिति पर लगा रहा ताला
कलवारी। बस्ती- टांडा मार्ग पर बहादुरपुर ब्लाॅक क्षेत्र के बी-पैक्स लिमिटेड कलवारी में कई दिनों से ताला लटक रहा है। उम्मीद थी कि सोमवार को यहां भी खाद का वितरण होगा। लेकिन, समिति का ताला पूरे दिन नहीं खुला। किसान रमेश, गोपाल, प्रदीप, राम भवन, आस मोहम्मद, भूपेंद्र आदि ने बताया कि जब से यूरिया खाद की मांग बढ़ी है तभी से यह समिति बंद मिल रही है। सचिव विचित्र मणि वर्मा ने बताया कि समिति के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है। इसलिए उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। जिससे समिति बंद रखी जा रही है। राहत की बात रही कि कृभको कृषक भारती सेवा समिति कलवारी में वितरण प्रक्रिया चालू रही। केंद्र प्रभारी शिवम गुप्ता ने बताया कि अभी 250 बोरा खाद उपलब्ध है। किसानों में बांटी जा रही है।
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मनिकौरा कला में कुछ देर के बाद बंद हो गया वितरण
मुंडेरवा। बी-पैक्स समिति मनिकौरा कला में सुबह से ही यूरिया लेने वालों की लंबी लाइन लग गई। यहां कुछ देर वितरण होने के बाद समिति बंद कर दी गई। जिससे काफी संख्या में किसानों को निराश लौटना पड़ा। मनीष पांडेय, दिलीप पांडेय, संजय चौधरी, राजेंद्र आदि ने बताया कि समिति के सचिव ने छुट्टी के दिन शनिवार और रविवार को गांव में घूम- घूम कर किसानों से खाद के लिए अंगूठा लगवाए हैं। लेकिन, आज जब खाद लेने के लिए समिति पर पहुंचे तो कुछ ही देर बाद ताला लगा दिया गया। यहां पिछले सप्ताह ग्रामीणों ने रात में 40 बोरी यूरिया से लदी ट्राॅली भी पकड़ी थी। अगले दिन बीडीओ ने वितरित कराया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समिति से उन्हें 300 से 350 सौ रुपये में यूरिया दी जा रही है। जबकि इसकी वास्तविक कीमत 267 रुपये प्रति बोरी है।
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गिनती के किसानों को मिली यूरिया, बाकी लौटे खाली हाथ
बनकटी। क्षेत्र की समितियों पर सुबह से ही किसानों की लंबी लाइन लग गई। अधिकांश जगहों पर सर्वर डाउन होने की समस्या बताकर वितरण रोक दिया गया। केवल गिनती के ही किसानों को खाद उपलब्ध हो पाई। बाकी निराश लौट गए। साधन सहकारी समिति खोरिया बसौढ़ी, सजनाखोर, महथा सजहरा, देवमी चित्राखोर, मनिकौरा, टिकरिया, कराहपिठिया आदि समितियों पर रुक-रुक कर यूरिया का वितरण किया गया। जिम्मेदारों का कहना था कि सर्वर नहीं चलने से दिक्कत हो रही है। किसान सोविन, लालचंद, सदानंद ने बताया कि यूरिया नहीं मिलने से धान की फसल प्रभावित हो रही है।
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लगातार तीन दिन छुट्टी के बाद समितियों पर यूरिया का वितरण शुरू होने पर भीड़ बढ़ी है। सर्वर की भी समस्या संज्ञान में आई है। उम्मीद है कि अगले दो- तीन दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। समितियाें पर न्याय पंचायत वार किसानों को खतौनी और आधार लेकर खाद दी जा रही है। -डॉ. बाबूराम मौर्य, जिला कृषि अधिकारी।