राममूरत हत्याकांड : रिश्तेदारों का आरोप पांच बिस्वा जमीन बनी हत्या की वजह
पोस्टमार्टम में हत्या की बात सामने आने के बाद सामने आ रही बात
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। हर्रैया थाना क्षेत्र के पिनेसर के राम मूरत की हत्या को लेकर पुलिस दिनभर गांव में पूछताछ करती रही। पुलिस उस जमीन के मसले के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिसको लेकर राम मूरत के रिश्तेदार हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। मृतक के जीजा राम गरीब का कहना है कि पांच बिस्वा जमीन का बैनामा तो करा लिया गया था, लेकिन रुपये नहीं दिए गए थे। इसे राम मूरत और घिराऊ में विवाद हुआ था।
आरोप है कि 29 नवंबर की रात जब राम मूरत के ऊपर जानलेवा हमला हुआ, तभी उसने पुलिस को बयान दिया था कि उसकी हत्या हो सकती है। मगर, पुलिस ने इस बात को तवज्जो नहीं दी। मृतक के भाई ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन थाने में तहरीर कर्मकांड के बाद देंगे। मंगलवार को अयोध्या में जाकर कर्मकांड करेंगे। वहीं घटना को लेकर सोमवार को दिन भर हर्रैया पुलिस पिनेसर गांव में छानबीन करती रही। राम मूरत के इलाज और मेडिकल रिपोर्ट को भी अपने साथ ले आई। राम मूरत की हत्या करने की बात पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हर्रैया थाना क्षेत्र पिनेसर गांव के रहने वाले राम मूरत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार को घर में मिला था। मृतक राम मूरत के मुंह और नाक से खून निकला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो सिर में गंभीर चोट पाए गए। ब्रेन काफी क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे साफ है कि हत्या की गई थी।
गांव के लोग बताते हैं कि राम मूरत की शादी नहीं हुई थी। वह छह सालों से घर से लापता हो गये थे। तीन महीने पहले वह गांव में आकर गांव के घिराउ के घर रहने लगे थे। आरोप है कि दो माह पहले राम मूरत को शराब पिलाकर गांव के घिराउ ने सड़क की कीमती जमीन को रजिस्ट्री करा लिया था। उसके बाद पैसा भी नहीं दिया। इसी बात को लेकर राम मूरत और घिराउ के बीच विवाद होने लगा। राम मूरत को 29 नवंबर को तड़के चार बजे में घिराउ और उनके दो पुत्रों ने लाठी डंडे से हमला बोल दिया जिससे वे गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। राम मूरत की तहरीर पर हर्रैया थाने में घिराउ और उनके दो पुत्रों पर केस दर्ज किया था। शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में राम मूरत का शव पाया गया था।