एसडीएम नौतनवा कस्टम और पुलिस के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/सोनौली। जनपद के सीमावर्ती इलाकों में अवैध गोदाम संचालित होने का जिक्र करते हुए अमर उजाला ने सात अप्रैल के अंक में सरहद पर अवैध गोदामों से करोड़ों का वारा न्यारा, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसे संज्ञान में लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की तो हकीकत सामने आ गई। बगैर जीएसटी जमा किए ही लाखों का समान अवैध रूप से महानगरों से लाकर गोदाम में डंप किया गया था। टीम ने रविवार को माल बरामद कर गोदाम को सील कर दिया। पूरे प्रकरण की जांच में टीम लगी है।
रविवार देर रात छापा में बगैर जीएसटी का सामान गोदाम से बरामद हुआ था। बताया गया है कि गोदाम में नेपाल भेजने के लिए कपड़ा व अन्य सामान रखे गए थे। अधिकारियों की जांच के दौरान किसी भी समान का बिल मौके से नहीं मिला।
एसडीएम नौतनवा नंद प्रकाश मौर्य ने बताया कि सूचना मिल रही थी कि सोनौली कस्बे में अवैध गोदाम है। इसके बाद छापा डाला गया। गोदाम में पकड़े व अन्य सामान बरामद हुए। कोई कागजात नहीं मिला। जीएसटी से संबंधित कोई फाइलिंग 2021 के बाद नहीं की गई है। गोदाम सील कर जीएसटी विभाग गोरखपुर को अग्रिम कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है। सीमावर्ती क्षेत्र में अन्य अवैध गोदाम संचालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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सीमावर्ती क्षेत्र में ऐसे और भी हैं गोदाम
भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करों ने ऐसे कई अवैध गोदाम बना रखे हैं, जिसका जीएसटी विभाग में कोई रिकार्ड नहीं है। सूत्रों की माने तो सोनौली कोतवाली क्षेत्र के कुनसेरवा बाईपास चौराहे के निकट एक दर्जन के अधिक गोदाम हैं। सोनौली कोतवाली के पास चार बड़े गोदाम बनाए गए हैं। एक डिग्री काॅलेज के पास दो बड़े गोदाम, महुअवा चौराहे के पास दो बड़े गोदाम, बनेलिया मंदिर के निकट 4 बड़े गोदाम, हरदी डाली गांव में आठ गोदाम, खुनुवा में 5 गोदाम, शेख फ़रेंदा में दो गोदाम, पुरीनिया में 6 गोदाम, भगवानपुर में सात गोदाम, श्याम काट में दो गोदाम, बरगदवा में 4 गोदाम, परसामलिक में 5 गोदाम, ठूठीबारी न्यू बाईपास के निकट दो गोदाम, लक्षमीनगर में तीन गोदाम, झुलनीपुर में एक गोदाम ऐसा है, जहां चावल, दवा, कपड़ा, धान, गेहूं, चीनी रात में डंप किए जाते हैं और सुबह तक नेपाल पहुंचा दिया जाता है।
कैसे लाया जाता है तस्करी का सामान
नेपाल में कपड़ा तस्करी के लिए एक बढा गिरोह लगा हुआ है, जो गुजरात से कच्चे बिल पर रेलवे के द्वारा बिहार रकसौल तक कपड़ों की बुकिंग करता है। कपड़ा नेपाल सीमा पर पहुचने के बाद नेपाल के प्रमुख सीमावर्ती क्षेत्र तक ट्रकों से गोरखपुर और फिर नौतनवा सोनौली ठूठीबारी और सिसवा के गोदाम में डंप किया जाता है। फिर छोटे वाहनों से नो मेंस लैंड तक पहुंचाया जाता है। साथ ही भारत के महानगर दिल्ली, कोलकाता, गाजियाबाद, गुजरात, पंजाब से छोटे वाहन एवं रोडवेज की बसों का सहारा लिया जाता है।
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दोनों देशों के राजस्व को लगा रहे चूना
भारत के साथ ही नेपाल सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, सोनौली बॉर्डर पर करीब दो दर्जन से अधिक अवैध गोदाम है, जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। उक्त गोदाम में बिना ई-वे-विल के सामान सोनौली और ठूठीबारी में लाकर डंप किया जाता है। फिर उसे पगडंडियों के रास्ते नेपाल भेज दे रहे हैं। इसमें भारत से ट्रेडिंग करने वाले व्यापारी मालामाल हो रहे हैं। अवैध रूप से बॉर्डर तक माल पहुंचाने के लिए कार्गो सेवा कंपनी पांच प्रतिशत तक कमीशन लेती है। इसमें पचास हजार रुपये से कम के कई बिल जारी किए जाते हैं। इसके लिए ई-वे-बिल की आवश्यकता नहीं होती है। सामान गंतव्य तक पहुंचते ही बिल कैंसिल कर दिया जाता है। जिसके कारण दोनों देश के राजस्व की चोरी की जा रही है।