जेलों में बंदियों से मिलने आने वाले लोगों को अब डिजिटल स्कैनिंग से गुजरना पड़ेगा। यदि उनके पास कोई आपत्तिजनक वस्तु होगी तो स्कैनिंग मशीन तुरंत सुरक्षा कर्मियों को अलार्म कर देगी। बस्ती समेत सूबे की 38 संवेदनशील जेलों में पोल मल्टीजोन डिटेक्शन सिस्टम लगाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को शासन ने इसके लिए 5 करोड़ 4 लाख 71 हजार रुपये जारी कर दिए।
जेलों में आए दिन हो रहे बवाल के मद्देनजर सरकार ने जेल की सुरक्षा को लेकर कई सख्त कदम उठाए हैं। इसी क्रम में जेल के मुख्य द्वार पर हाईटेक डिटेक्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि गेट के भीतर कोई अवांछित वस्तु कोई न ले जा पाए। यहां तक कि इस सिस्टम से नशीले पदार्थ भी डिटेक्ट कर लिए जाएंगे। शासनादेश में विशेष सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह ने महानिरीक्षक कारागार एवं प्रशासन को धन अवमुक्त कर दिए जाने की जानकारी दी जिसे जेल अधिकारियों को भेजी गई है। इस धन से जेलों के मुख्य द्वार पर मल्टीजोन डोरफ्रेम और मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे।
बस्ती हमेशा रहा हॉट
बस्ती की जेल लंबे समय से संवेदनशील रही है। तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट केशरवानी के दौर में हुए बवाल और गोलीबारी के बाद से हालत और भी विषम हैं। क्षमता से दोगुने अपराधियों को रखने वाली बस्ती जेल में इस वक्त कई अपराधी और डकैत बंद हैं। इतना ही नहीं मंडल कारागार में ही पास के जनपद संतकबीरनगर के बंदी भी हैं। इसलिए इस जेल की सुरक्षा सबसे अहम है। इसे लेकर सरकार भी काफी गंभीर है।
आसान हो जाएगी निगरानी
हाइटेक सिस्टम लग जाने से अवांछनीय तत्वों व वस्तुओं की निगरानी आसान हो जाएगी। वैसे भी एहतियातन बारीकी से तलाशी की जाती है लेकिन अब इस सिस्टम के बाद और भी फुल प्रूफ इंतजाम रहेगा।
- बीके मिश्र, जेलर