दुबौलिया। पिता की हत्या कर शव नहर में फेंकने के बाद आरोपी बेटी कई घंटे तक बेखौफ अपने प्रेमी के साथ घूमती रही। इसके बाद शाम को घर पहुंचकर सामान्य तरीके से अपनी दिनचर्या में जुट गई। उसके चेहरे पर न घबराहट दिखी और न ही हत्या का कोई पछतावा। देर रात तक जब कृष्णा प्रसाद घर नहीं लौटे तो परिजनों ने पूछताछ शुरू की। आरोपी बेटी ने उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कबूल कर शव नहर में फेंके जाने की जानकारी दी।
मृतक के भाई के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी प्रेमी भी अपने घर चला गया था। दोनों कई घंटे तक सामान्य तरीके से अपने काम में लगे रहे। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी बेटी करीब पांच से छह घंटे तक प्रेमी के साथ घूमती रही। उधर, दो थानों की पुलिस भी मामले की छानबीन में जुटी रही और दिनभर प्रेमी-प्रेमिका को लेकर चर्चा होती रही। आरोपी के चाचा काशीराम ने बताया कि परिजनों ने जब बेटी से कृष्णा प्रसाद के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि पिता की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिजन और पुलिस आरोपी को लेकर नहर के पास पहुंचे, जहां कृष्णा प्रसाद का शव पड़ा मिला।
बेटी पर लोगों में आक्रोश
कृष्णा प्रसाद की हत्या की खबर मिलने के बाद गांव में शोक के साथ आरोपी बेटी के प्रति लोगों में आक्रोश भी दिखा। ग्रामीणों का कहना था कि जिस बेटी को पिता ने पाल-पोसकर बड़ा किया और उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे, उसी ने उनकी जान ले ली। लोगों ने हत्या की बेरहमी पर भी सवाल उठाए। आशंका जताई गई कि गमछे से गला कसने के दौरान कृष्णा प्रसाद ने बचने के लिए संघर्ष किया होगा। पुलिस ने शव बरामद करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।